दिलीप कुमार से कंगना रनौत तक, बॉलीवुड के इन 15 सितारों ने डबल रोल में छोड़ी खास छाप
दिलीप कुमार की ‘राम और श्याम’ से कंगना रनौत की ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ तक, जानिए बॉलीवुड के उन सितारों के बारे में जिन्होंने डबल रोल में शानदार अभिनय किया।
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बॉलीवुड में डबल रोल का फॉर्मूला हमेशा से दर्शकों को आकर्षित करता रहा है। कभी बिछड़े हुए जुड़वां भाई-बहनों की कहानी, कभी गलत पहचान का मामला, तो कभी एक ही चेहरे वाले हीरो और विलेन का आमना-सामना। इन कहानियों ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार पल दिए हैं। लेकिन डबल रोल में असली चुनौती सिर्फ एक अभिनेता का दो किरदार निभाना नहीं, बल्कि दोनों को एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दिखाना है।
किसी किरदार की बॉडी लैंग्वेज, आवाज, बोलने का अंदाज और व्यवहार में बदलाव ही दर्शकों को दोनों की अलग पहचान समझने में मदद करता है। हिंदी सिनेमा में कई सितारों ने इस चुनौती को स्वीकार किया और अपने अभिनय से डबल रोल को यादगार बना दिया।
दिलीप कुमार की ‘राम और श्याम’ से लेकर हेमा मालिनी की ‘सीता और गीता’, अमिताभ बच्चन की ‘डॉन’ और कंगना रनौत की ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ तक, इन फिल्मों में कलाकारों ने दो अलग-अलग किरदारों को अपनी खास शैली में पर्दे पर उतारा। आइए, ऐसी ही 15 फिल्मों पर नजर डालते हैं।
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1. दिलीप कुमार — ‘राम और श्याम’
दिलीप कुमार ने फिल्म ‘राम और श्याम’ में जुड़वां भाइयों के डबल रोल की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने भारतीय सिनेमा में इस तरह की कहानियों के लिए एक मानक स्थापित किया। तपि चाणक्य के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने राम और श्याम की भूमिकाएं निभाईं।
राम एक डरपोक और प्रताड़ित उत्तराधिकारी है, जबकि श्याम उसका निडर, बेबाक जुड़वां भाई है, जो जन्म के समय उससे अलग हो गया था। फिल्म में वहीदा रहमान, मुमताज और खलनायक गजेंद्र के रूप में प्राण भी नजर आए।
1967 में रिलीज हुई यह फिल्म उस साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी। दिलीप कुमार की खासियत यह थी कि उन्होंने दोनों किरदारों को अलग पहचान दी। गंभीर और दुखद भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता ने इस फिल्म में अपनी अभिनय क्षमता के दूसरे पहलू को भी सामने रखा।
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2. हेमा मालिनी — ‘सीता और गीता’
‘राम और श्याम’ ने जहां पुरुष कलाकार के डबल रोल को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई, वहीं ‘सीता और गीता’ ने इसी विचार को महिला-केंद्रित कहानी के साथ नई पहचान दी।
1972 में रिलीज हुई और रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में हेमा मालिनी ने दो बहनों की भूमिका निभाई। सीता एक सहमी हुई और आसानी से डर जाने वाली उत्तराधिकारी है, जबकि गीता सड़क पर पली-बढ़ी, निडर और तेजतर्रार लड़की है।
धर्मेंद्र और संजीव कुमार के साथ नजर आईं हेमा मालिनी ने अपने अभिनय से फिल्म को मजबूती दी। सीता की डरी हुई आंखों और गीता के आत्मविश्वास से भरे अंदाज के बीच का अंतर दर्शकों को खूब पसंद आया। दोनों किरदारों के जरिए हेमा मालिनी ने हिंदी सिनेमा की यादगार कॉमेडी परफॉर्मेंस में से एक दी।
3. अमिताभ बच्चन — ‘डॉन’
अमिताभ बच्चन की ‘डॉन’ को बॉलीवुड की सबसे यादगार डबल रोल वाली फिल्मों में गिना जाता है। चंद्रा बारोट के निर्देशन में बनी इस एक्शन थ्रिलर में अमिताभ ने मार्क डोनाल्ड उर्फ डॉन और विजय की भूमिकाएं निभाईं।
डॉन एक बेरहम अपराध सरगना है, जबकि विजय एक सीधा-सादा सड़क पर प्रदर्शन करने वाला कलाकार है, जिसे डॉन की जगह लेने के लिए मजबूर किया जाता है। अमिताभ ने डॉन के किरदार में खतरनाक अंदाज और रौब दिखाया, वहीं विजय के रूप में मासूमियत और हास्य का पुट दिया।
1978 में रिलीज हुई इस फिल्म में जीनत अमान ने रोमा और प्राण ने जसजीत की भूमिका निभाई। सलीम-जावेद की लिखी यह फिल्म बाद में कल्ट क्लासिक बन गई। अमिताभ बच्चन को इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। फिल्म की कहानी ने आगे चलकर अलग-अलग पीढ़ियों में रीमेक का रूप भी लिया।
4. संजीव कुमार और देवेन वर्मा — ‘अंगूर’
डबल रोल के जरिए साफ-सुथरी और समझदारी भरी कॉमेडी पेश करने वाली फिल्मों में गुलजार की ‘अंगूर’ का खास स्थान है। 1982 में रिलीज हुई यह फिल्म शेक्सपियर के नाटक ‘The Comedy of Errors’ पर आधारित थी।
फिल्म में संजीव कुमार ने अशोक के दो रूप निभाए, जबकि देवेन वर्मा बहादुर के दो किरदारों में नजर आए। मौसमी चटर्जी, दीप्ति नवल और अरुणा ईरानी भी फिल्म का हिस्सा थीं।
दूसरी पहचान वाली कई कॉमेडी फिल्मों की तरह ‘अंगूर’ का हास्य सिर्फ तेज-तर्रार घटनाओं पर निर्भर नहीं था। गलतफहमियों, बातचीत के दौरान पैदा होने वाली उलझनों और कलाकारों की टाइमिंग ने इसे खास बनाया। संजीव कुमार की सहज प्रतिक्रियाओं और देवेन वर्मा के स्वाभाविक कॉमिक अंदाज ने फिल्म को क्लासिक बना दिया।
5. श्रीदेवी — ‘चालबाज’
श्रीदेवी की ‘चालबाज’ के बिना बॉलीवुड के यादगार डबल रोल की चर्चा अधूरी रहेगी। पंकज पाराशर के निर्देशन में बनी 1989 की इस हिट फिल्म में श्रीदेवी ने जन्म के समय अलग हो गई जुड़वां बहनों अंजू और मंजू की भूमिकाएं निभाईं।
अंजू एक दब्बू और आसानी से डर जाने वाली लड़की है, जबकि मंजू एक बेबाक स्ट्रीट डांसर है। दोनों किरदारों के बीच का अंतर श्रीदेवी के अभिनय में साफ दिखाई देता है।
फिल्म में सनी देओल, रजनीकांत और अनुपम खेर भी शामिल थे। इसकी कहानी को ‘सीता और गीता’ की परंपरा को आगे बढ़ाने वाली फिल्म के रूप में देखा गया। खलनायिका आंटी की भूमिका निभाने वाली रोहिणी हट्टंगड़ी के साथ श्रीदेवी के मजेदार दृश्य खास तौर पर यादगार रहे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफल रही और श्रीदेवी को इसके लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।
6. गोविंदा — ‘आंखें’
डबल रोल वाली कॉमेडी की बात हो और गोविंदा का नाम न आए, ऐसा कम ही होता है। डेविड धवन की 1993 में रिलीज हुई फिल्म ‘आंखें’ में गोविंदा ने अपनी कॉमिक टाइमिंग और शारीरिक हावभाव से दर्शकों को खूब हंसाया।
उन्होंने विजय उर्फ बन्नू और गौरी शंकर की दोहरी भूमिका निभाई। बन्नू एक अमीर, बिगड़ा हुआ और शरारती लड़का है, जबकि गौरी शंकर उसका भोला-भाला, ग्रामीण परिवेश से आया चचेरा भाई है।
फिल्म में चंकी पांडे ने बन्नू के साथी मुन्नू की भूमिका निभाई। ऋतु शिवपुरी, रागेश्वरी, कादर खान और राज बब्बर भी कलाकारों में शामिल थे। दिलचस्प बात यह है कि कादर खान और राज बब्बर ने भी फिल्म में डबल रोल निभाए थे।
गोविंदा ने शरारती और चंचल बन्नू से लेकर हैरान-परेशान गौरी शंकर तक दोनों किरदारों को अलग अंदाज दिया। उनके चेहरे के हावभाव, तेज संवाद अदायगी और फिजिकल कॉमेडी ने फिल्म को खास बनाया। ‘आंखें’ 1993 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बनी।
गोविंदा ने बाद में ‘बड़े मियां छोटे मियां’ जैसी फिल्म में भी डबल रोल निभाया, जिसमें उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया। हालांकि, ‘आंखें’ में उनका अभिनय 90 के दशक के सिनेमा की अहम उपलब्धियों में गिना जाता है।
7. सलमान खान — ‘जुड़वा’
90 के दशक में डेविड धवन और सलमान खान की जोड़ी ने एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘जुड़वा’ के जरिए दर्शकों का मनोरंजन किया। 1997 में रिलीज हुई इस फिल्म में सलमान ने जुड़वां भाइयों राजा और प्रेम की भूमिकाएं निभाईं।
राजा सड़क पर रहने वाले माहिर और चालाक युवक के रूप में दिखता है, जबकि प्रेम एक सलीकेदार, लंदन से लौटा रॉकस्टार है। फिल्म में करिश्मा कपूर, रंभा और कादर खान भी नजर आए।
तेलुगु फिल्म ‘Hello Brother’ से प्रेरित इस कहानी में एक मजेदार रिफ्लेक्स एक्शन का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें एक जुड़वां भाई दूसरे के शारीरिक अनुभवों की नकल करने लगता है। सलमान की ऊर्जावान परफॉर्मेंस और कॉमेडी टाइमिंग ने ‘जुड़वा’ को 90 के दशक की खास मसाला एंटरटेनर फिल्मों में शामिल कर दिया।
8. शाहरुख खान — ‘डुप्लीकेट’
शाहरुख खान ने फिल्म ‘डुप्लीकेट’ में डबल रोल के जरिए हीरो और विलेन के बीच का अंतर दिखाया। मई 1998 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था और यश जौहर इसके निर्माता थे। फिल्म में जूही चावला और सोनाली बेंद्रे भी नजर आईं।
शाहरुख ने बबलू नाम के एक सीधे-सादे शेफ बनने की इच्छा रखने वाले युवक और मनु नाम के खतरनाक गैंगस्टर की भूमिका निभाई। ‘डुप्लीकेट’ उनकी सबसे बड़ी व्यावसायिक सफल फिल्मों में शामिल नहीं हुई, लेकिन दोनों किरदारों के बीच का बड़ा अंतर उनके अभिनय की वजह से याद रखा गया।
शाहरुख ने 2016 में मनीष शर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘फैन’ में भी इसी तरह की चुनौती स्वीकार की। इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर में उन्होंने उम्रदराज सुपरस्टार आर्यन खन्ना और उसके युवा, जुनूनी प्रशंसक गौरव चंदना का किरदार निभाया।
फिल्म में विजुअल इफेक्ट्स और प्रोस्थेटिक्स का इस्तेमाल किया गया। गौरव के टूटे हुए और अस्थिर व्यक्तित्व को शाहरुख ने भावनात्मक गहराई के साथ निभाया। इसके विपरीत आर्यन का किरदार थका हुआ, व्यावहारिक और अपने स्टारडम को लेकर अहंकारी नजर आता है।
9. ऋतिक रोशन — ‘कहो ना... प्यार है’
बॉलीवुड में पहली ही फिल्म में दो भूमिकाएं निभाने की चुनौती ऋतिक रोशन ने ‘कहो ना... प्यार है’ के साथ स्वीकार की थी। जनवरी 2000 में रिलीज हुई इस रोमांटिक थ्रिलर को राकेश रोशन ने लिखा, निर्देशित और प्रोड्यूस किया था। फिल्म से ऋतिक रोशन और अमीषा पटेल ने अभिनय की शुरुआत की थी।
फिल्म में ऋतिक ने रोहित और राज की भूमिकाएं निभाईं। रोहित एक ईमानदार, संघर्ष कर रहा गायक है, जिसकी दुखद मौत हो जाती है। दूसरी ओर, राज न्यूजीलैंड में रहने वाला अमीर और स्टाइलिश युवक है, जिसकी शक्ल रोहित से मिलती है।
ऋतिक ने दोनों किरदारों के बीच अंतर दिखाने के लिए किसी बड़े दिखावे का सहारा नहीं लिया। रोहित की मासूमियत और सहजता के मुकाबले राज का आत्मविश्वासी और सलीकेदार अंदाज अलग नजर आया। इस भूमिका ने दिखाया कि ऋतिक की अभिनय क्षमता उनके शानदार डांसिंग स्किल्स के बराबर है।
10. दीपिका पादुकोण — ‘ओम शांति ओम’
दीपिका पादुकोण ने भी अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘ओम शांति ओम’ में डबल रोल निभाकर शुरुआत की। फराह खान के निर्देशन में बनी यह फिल्म 2007 की बड़ी हिट थी।
दीपिका ने इसमें 1970 के दशक की मशहूर और शालीन सुपरस्टार शांतिप्रिया का किरदार निभाया। साथ ही वह संध्या उर्फ सैंडी के रूप में भी नजर आईं, जो आज के दौर की एक चुलबुली लड़की है और शांतिप्रिया जैसी दिखती है।
शाहरुख खान, अर्जुन रामपाल, श्रेयस तलपड़े और किरण खेर के साथ फिल्म में दीपिका ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने पुराने दौर की अभिनेत्री की गरिमा और शांत त्रासदी से लेकर सैंडी की मस्तीभरी ऊर्जा तक, दोनों अंदाज सहजता से निभाए। इस भूमिका ने उन्हें इंडस्ट्री में एक मजबूत प्रतिभा के रूप में स्थापित किया।
11. शाहिद कपूर — ‘कमीने’
विशाल भारद्वाज की 2009 में रिलीज हुई ब्लैक कॉमेडी क्राइम थ्रिलर ‘कमीने’ ने शाहिद कपूर के करियर को नई दिशा दी। अपनी पहले की चॉकलेटी बॉय छवि से अलग हटकर शाहिद ने अलग रह रहे जुड़वां भाइयों चार्ली और गुड्डू की भूमिकाएं निभाईं।
चार्ली एक सख्त मिजाज का स्ट्रीट बुकी है, जो अमीर बनना चाहता है और बोलते समय उसके उच्चारण में खास तरह की दिक्कत है। वहीं गुड्डू एक ईमानदार NGO वर्कर है, जिसकी बोलने की शैली भी अलग है।
फिल्म में प्रियंका चोपड़ा और अमोल गुप्ते भी नजर आए। शाहिद ने दोनों भाइयों को अलग दिखाने के लिए केवल बोलने के अंदाज पर निर्भर रहने के बजाय उनकी शारीरिक भाषा, आक्रामकता और ऊर्जा में भी बदलाव किया। चार्ली के बेरहम आत्मविश्वास और गुड्डू की बेचैनी व संवेदनशीलता के बीच का अंतर खूब सराहा गया। इस भूमिका ने शाहिद की अभिनय क्षमता की गहराई को सामने रखा।
12. अक्षय कुमार — ‘राउडी राठौर’
प्रभु देवा के निर्देशन में बनी ‘राउडी राठौर’ (2012) ने अक्षय कुमार को एक्शन और कॉमेडी, दोनों में अपनी क्षमता दिखाने का मौका दिया। फिल्म में उन्होंने दो किरदार निभाए—ASP विक्रम राठौर और शिवा।
विक्रम राठौर एक ईमानदार और बेहद कुशल पुलिस अधिकारी है, जबकि शिवा एक बेफिक्र छोटा-मोटा अपराधी है, जिसकी शक्ल विक्रम से बिल्कुल मिलती है। फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा और नासर भी शामिल थे।
तेलुगु फिल्म ‘Vikramarkudu’ की रीमेक इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की। मूंछों को ताव देते हुए गंभीर संवाद बोलने वाले विक्रम राठौर और सड़कछाप अंदाज में मजेदार हरकतें करने वाले शिवा के बीच अक्षय का बदलाव दर्शकों को बांधे रखता है। इस भूमिका ने मसाला एक्शन फिल्मों में उनकी पकड़ को फिर रेखांकित किया।
13. आमिर खान — ‘धूम 3’
विजय कृष्ण आचार्य की फिल्म ‘धूम 3’ (2013) में आमिर खान ने अपने डबल रोल को रिलीज से पहले काफी हद तक गुप्त रखा था। उन्होंने साहिर और समर नाम के जुड़वां भाइयों की भूमिका निभाई।
साहिर एक गंभीर और रहस्यमयी सर्कस कलाकार है, जो शिकागो के एक भ्रष्ट बैंक से बदला लेना चाहता है। उसका जुड़वां भाई समर ऑटिज्म से प्रभावित, बेहद वफादार और मासूम है, जिसे दुनिया से छिपाकर रखा जाता है।
फिल्म में कैटरीना कैफ, अभिषेक बच्चन और उदय चोपड़ा भी थे। यह एक्शन थ्रिलर बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई। आमिर ने समर के किरदार में बचपन जैसी मासूमियत और साहिर पर भावनात्मक निर्भरता दिखाई। इससे ऐसी फ्रेंचाइजी में भावनात्मक पहलू जुड़ा, जो आम तौर पर स्टाइलिश डकैतियों और तेज रफ्तार पीछा करने वाले दृश्यों के लिए जानी जाती है।
14. कंगना रनौत — ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’
बॉलीवुड की आधुनिक डबल रोल परफॉर्मेंस में कंगना रनौत की ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ का नाम खास तौर पर लिया जाता है। आनंद एल. राय के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने डबल रोल की पारंपरिक जुड़वां कहानी से अलग रास्ता चुना। कंगना ने दो ऐसी महिलाओं की भूमिका निभाई, जिनका आपस में कोई रिश्ता नहीं था, लेकिन दोनों दिखने में एक जैसी थीं।
उन्होंने तनुजा त्रिवेदी उर्फ तनु के किरदार को आगे बढ़ाया, जो विद्रोही और अपने मिजाज में अनिश्चित है। दूसरी ओर, कुसुम सांगवान उर्फ दत्तो एक व्यावहारिक, छोटे बालों वाली हरियाणवी एथलीट है।
2015 में रिलीज हुई इस रोमांटिक कॉमेडी में आर. माधवन, दीपक डोबरियाल, जिम्मी शेरगिल, स्वरा भास्कर, एजाज खान और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी थे। फिल्म को आलोचकों की सराहना मिली और यह व्यावसायिक रूप से भी सफल रही।
कंगना ने दोनों किरदारों के लिए सिर्फ मेकअप या प्रोस्थेटिक्स का सहारा नहीं लिया। उनकी बॉडी लैंग्वेज, बोलने के लहजे और पूरे व्यक्तित्व में अंतर साफ नजर आया। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला।
15. वरुण धवन — ‘जुड़वा 2’
सलमान खान की ‘जुड़वा’ से जुड़ी विरासत को आगे बढ़ाना आसान नहीं था, लेकिन वरुण धवन ने डेविड धवन की ‘जुड़वा 2’ में डबल रोल निभाकर अपनी अलग छाप छोड़ी। 2017 में रिलीज हुई इस फिल्म में वरुण ने राजा और प्रेम की भूमिकाएं निभाईं।
राजा एक सड़कछाप, तेजतर्रार युवक है, जबकि प्रेम लंदन में रहने वाला एक सौम्य संगीतकार है। फिल्म में जैकलीन फर्नांडिस और तापसी पन्नू मुख्य भूमिकाओं में थीं। अनुपम खेर और सचिन खेडेकर जैसे अनुभवी कलाकार भी फिल्म का हिस्सा थे।
वरुण ने फिल्म की तेज-तर्रार और स्लैपस्टिक कॉमेडी शैली को अपनाते हुए 1997 की मूल फिल्म की यादों को नए अंदाज में पेश किया। दोनों अभिनेत्रियों के साथ उनकी केमिस्ट्री और कॉमिक टाइमिंग ने फिल्म को आगे बढ़ाने में मदद की।
खास तौर पर उन दृश्यों में उनका अंदाज दर्शकों को पसंद आया, जहां एक जुड़वां भाई अनजाने में दूसरे की शारीरिक संवेदनाओं की नकल करने लगता है। ‘जुड़वा 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही।
डबल रोल में दो किरदार, दो अलग पहचान
इन सितारों ने पर्दे पर सिर्फ दो भूमिकाएं नहीं निभाईं, बल्कि दो अलग-अलग व्यक्तित्व, ऊर्जा और भावनात्मक दुनिया तैयार की। क्लासिक फिल्मों से लेकर आधुनिक ब्लॉकबस्टर तक, डबल रोल हिंदी सिनेमा का एक मनोरंजक हिस्सा बना रहा है।
जब कोई अभिनेता दोनों किरदारों को अपनी अलग पहचान देने में सफल होता है, तो उसका असर सिर्फ स्क्रीन पर ज्यादा समय मिलने तक सीमित नहीं रहता। ऐसी परफॉर्मेंस दर्शकों के मन में लंबे समय तक बनी रहती है।











