अजय देवगन, विक्की कौशल, अक्षय कुमार और रणवीर सिंह समेत कई बॉलीवुड सितारों ने बायोपिक फिल्मों में वास्तविक जीवन के नायकों और चर्चित हस्तियों की भूमिकाएं निभाईं।

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‘परिंदा’ से ‘नटसम्राट’ तक: Nana Patekar की 15 यादगार परफॉर्मेंस, जिन्होंने दिखाया अभिनय का हर रंग

Nana Patekar की 15 यादगार परफॉर्मेंस में ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसे किरदार शामिल हैं, जिन्होंने उनके अभिनय की रेंज दिखाई।

हिंदी एंटरटेनमेंट डेस्क
Written By: हिंदी एंटरटेनमेंट डेस्क
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Nana Patekar की यादगार परफॉर्मेंस में ‘परिंदा’ से ‘नटसम्राट’ तक के कई अलग-अलग किरदार शामिल रहे हैं।
Nana Patekar की यादगार परफॉर्मेंस में ‘परिंदा’ से ‘नटसम्राट’ तक के कई अलग-अलग किरदार शामिल रहे हैं।

Nana Patekar की आवाज़ सुनते ही एक खास तरह की तीव्रता महसूस होती है। वह किसी धमकी को बेहद सामान्य अंदाज में कहकर भी डर पैदा कर सकते थे, गुस्से से भरी बात को आरोप की ताकत दे सकते थे और एक परिचित गैंगस्टर अंदाज को कॉमेडी के पल में बदल सकते थे। लेकिन उनके अभिनय की ताकत सिर्फ उनकी आवाज़ तक सीमित नहीं थी। कई यादगार किरदारों में उन्होंने बेचैन पिता के हाव-भाव, सतर्क पुलिसकर्मी की निगाह और उम्रदराज अभिनेता के आहत आत्मसम्मान को बिना ज्यादा शब्दों के सामने रखा।

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हिंदी, मराठी और तमिल सिनेमा में Nana Patekar ने बेहद अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। उनके अभिनय में गुस्सा जरूर याद रहता है, लेकिन उसके साथ मौजूद संवेदनशीलता, संयम और कमजोरी भी उतनी ही अहम रही।

Nana Patekar का 8 अक्टूबर, गुरुवार को 75 साल की उम्र में Goa में निधन हो गया। उनके बेटे Malhar ने The Indian Express से इस खबर की पुष्टि की। Reuters के मुताबिक, घर पर बेहोश मिलने के बाद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। Manipal Hospital के Dr Shekhar Salkar ने ANI को बताया कि उन्हें cardiac arrest हुआ था।

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उन्हें ‘Parinda’, ‘Krantiveer’ और ‘Agni Sakshi’ के लिए तीन National Film Awards मिले। हालांकि, उनके करियर की पूरी तस्वीर सिर्फ इन पुरस्कार विजेता भूमिकाओं तक सीमित नहीं है। उनकी कई दूसरी परफॉर्मेंस भी बताती हैं कि वह किस तरह किसी भी दृश्य का माहौल बदल सकते थे।

1. ‘Parinda’ — Anna Seth

**Director:** Vidhu Vinod Chopra
**Released:** November 3, 1989
**Main cast:** Nana Patekar, Jackie Shroff, Anil Kapoor, Madhuri Dixit और Anupam Kher

‘Parinda’ में Nana Patekar ने Anna Seth का किरदार निभाया, जो हिंदी सिनेमा के सबसे बेचैन करने वाले गैंगस्टरों में से एक रहा। Vidhu Vinod Chopra की इस कहानी में दो भाई Mumbai के अंडरवर्ल्ड की दुनिया में खिंचे चले जाते हैं। Anna Seth के किरदार में Nana Patekar ने ऐसी अस्थिरता दिखाई कि वह नियंत्रण में रहते हुए भी खतरनाक लगता था।

Anna का आग से डर उसके किरदार में एक अलग दरार पैदा करता है। दूसरों को डराने वाला यह व्यक्ति खुद भी घबराहट की चपेट में आ सकता था।

इस भूमिका के लिए Nana Patekar को Best Supporting Actor का National Film Award मिला। किरदार का असर इसलिए भी गहरा रहा क्योंकि उन्होंने Anna को फिल्म के डरावने माहौल का हिस्सा बना दिया। उसका हिंसक स्वभाव भाइयों की जिंदगी के लिए खतरा था, लेकिन उसकी अस्थिरता हर मुलाकात को अनिश्चित बना देती थी।

2. ‘Prahaar: The Final Attack’ — Major Chauhan

**Director:** Nana Patekar
**Released:** November 29, 1991
**Main cast:** Nana Patekar, Gautam Joglekar, Madhuri Dixit और Dimple Kapadia

‘Prahaar’ Nana Patekar के लिए खास तौर पर व्यक्तिगत प्रोजेक्ट था। उन्होंने फिल्म को लिखा और निर्देशित किया, साथ ही एक सख्त Army officer Major Chauhan की भूमिका भी निभाई।

Major Chauhan की पहचान शुरुआत में एक अनुशासित और demanding commando instructor के रूप में होती है। लेकिन जब उनके trainee Peter D’Souza की civilian life में लौटने के बाद हत्या हो जाती है, तो उनका कर्तव्य और व्यवस्था पर भरोसा एक ऐसे समाज से टकराता है जो अपने लोगों की रक्षा करने में असमर्थ या अनिच्छुक दिखाई देता है।

Nana Patekar की सख्ती ने फिल्म के पहले हिस्से को मजबूती दी, जबकि बाद के टकराव में उनका दर्द भावनात्मक वजन लेकर आया। Major Chauhan की कहानी यह सवाल उठाती है कि जब किसी दुश्मन का सामना करने के लिए प्रशिक्षित व्यक्ति को उन्हीं लोगों के बीच क्रूरता दिखाई दे, जिनकी वह सेवा करता है, तो वह किस तरह प्रतिक्रिया करता है।

3. ‘Krantiveer’ — Pratap Narayan Tilak

**Director:** Mehul Kumar
**Released:** July 22, 1994
**Main cast:** Nana Patekar, Dimple Kapadia, Atul Agnihotri, Mamta Kulkarni, Paresh Rawal और Danny Denzongpa

कई दर्शकों के लिए Pratap Narayan Tilak Nana Patekar के सबसे यादगार किरदारों में से एक है। बेबाक, तीखा और अपनी नाराजगी को सार्वजनिक चुनौती में बदल देने वाला यह किरदार ‘Krantiveer’ की पहचान बन गया।

फिल्म में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी दिखाई गई है जिसका दुनिया को देखने का नजरिया communal violence, corruption और injustice का सामना करने के बाद बदलता है। Nana Patekar ने इस बदलाव को ऐसे निभाया जैसे वर्षों की उदासीनता के बाद भीतर कुछ टूटकर बाहर आ रहा हो।

इस भूमिका के लिए उन्हें Best Actor का National Film Award मिला। फिल्म का climax वाला address आज भी इसकी पहचान का हिस्सा है, लेकिन उस भाषण की ताकत Pratap की पूरी यात्रा से आती है। Mehul Kumar के अनुसार, यह किरदार उनके एक college friend से प्रेरित था, जो देश की समस्याओं की लगातार शिकायत करता था लेकिन खुद कुछ नहीं करता था। Nana Patekar ने इस विरोधाभास को प्रभावी ढंग से सामने रखा और बाद में उसके action लेने की जरूरत को उतनी ही ताकत से पेश किया।

4. ‘Agni Sakshi’ — Vishwanath

**Director:** Partho Ghosh
**Released:** March 1996
**Main cast:** Nana Patekar, Manisha Koirala, Jackie Shroff और Divya Dutta

‘Agni Sakshi’ में Nana Patekar ने डर को एक बेहद निजी रिश्ते के भीतर ला दिया। Vishwanath एक abusive और possessive पति है, जिसकी वापसी उसकी पत्नी द्वारा बनाई गई नई जिंदगी के लिए खतरा बन जाती है।

वह मानता है कि उसकी पत्नी उसी की है और उसकी आजादी को स्वीकार नहीं करता। इसी वजह से उसका किरदार बेहद परेशान करने वाला बनता है। वह अपने व्यवहार को प्यार का नाम देता है और उसी सोच के साथ अपनी पत्नी पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।

इस भूमिका के लिए Nana Patekar को उनका दूसरा Best Supporting Actor National Film Award मिला और उनके National Film Awards की कुल संख्या तीन हो गई। Vishwanath का किरदार इसलिए याद रह जाता है क्योंकि उसके लिए नियंत्रण और हिंसा भी प्यार का हिस्सा बन जाते हैं।

5. ‘Khamoshi: The Musical’ — Joseph Braganza

**Director:** Sanjay Leela Bhansali
**Released:** August 9, 1996
**Main cast:** Nana Patekar, Manisha Koirala, Salman Khan, Seema Biswas और Helen

‘Agni Sakshi’ के उसी साल रिलीज हुई ‘Khamoshi: The Musical’ ने Nana Patekar को बिल्कुल अलग रूप में पेश किया। उन्होंने Annie के deaf पिता Joseph का किरदार निभाया, जो संगीत और प्यार की दुनिया की ओर बढ़ रही है।

Joseph और उनकी पत्नी Flavy अपनी बेटी पर बहुत निर्भर हैं। Annie की बढ़ती स्वतंत्रता उस बंद दुनिया के लिए चुनौती बन जाती है जिसे दोनों ने उसके आसपास बना रखा है।

Nana Patekar का अभिनय अक्सर दमदार dialogues के लिए पहचाना जाता रहा है, लेकिन Joseph के किरदार में उन्हें anxiety, affection और resistance को gestures, expressions और body language के जरिए व्यक्त करना था। वह एक प्यार करने वाले लेकिन डरे हुए पिता हैं। यही वजह है कि इस किरदार का conflict सिर्फ बेटी के सपनों और एक सख्त parent के बीच टकराव नहीं रह जाता।

Joseph ने यह भी दिखाया कि अपनी मशहूर आवाज़ के बिना भी Nana Patekar कितनी भावनाएं व्यक्त कर सकते हैं।

6. ‘Yeshwant’ — Inspector Yeshwant Lohar

**Director:** Anil Mattoo
**Released:** February 7, 1997
**Main cast:** Nana Patekar, Madhoo, Atul Agnihotri, Mohan Joshi और Shafi Inamdar

‘Yeshwant’ में Nana Patekar की intensity एक ईमानदार पुलिसकर्मी के किरदार में दिखाई दी, जिसकी corruption के खिलाफ लड़ाई उसकी निजी जिंदगी को भी प्रभावित करती है।

Inspector Yeshwant Lohar को murder के मामले में फंसाकर जेल भेज दिया जाता है। इसके बाद उसकी पत्नी को लेकर उसके भीतर शक बढ़ता जाता है। उसका गुस्सा शुरुआत में व्यवस्था के खिलाफ है, लेकिन धीरे-धीरे वही गुस्सा उसके घर के भीतर भी नुकसान पहुंचाने लगता है।

फिल्म की writing की कमजोरियों के बावजूद Nana Patekar की मौजूदगी ने इसे संभाले रखा, खासकर किरदार की loudness और unreasonable behaviour के बावजूद। इसका मशहूर “machhar” passage उनकी commanding delivery से जुड़ गया। Yeshwant यह भी दिखाता है कि सही कारण से शुरू हुआ गुस्सा किस तरह निजी क्रूरता में बदल सकता है।

7. ‘Ghulam-E-Mustafa’ — Mustafa

**Director:** Partho Ghosh
**Released:** October 31, 1997
**Main cast:** Nana Patekar, Raveena Tandon, Paresh Rawal, Aruna Irani और Shivaji Satam

Mustafa एक अनाथ है, जिसकी परवरिश अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक व्यक्ति ने की है। वह हर समस्या का जवाब हिंसा से देने का आदी है। लेकिन जिस महिला से वह प्यार करता है, उसे खोने के बाद उसका रास्ता बदलता है और वह एक ईमानदार व्यक्ति के परिवार की रक्षा करने की कोशिश करता है।

धीरे-धीरे उस परिवार में उसकी जगह बनना ‘Ghulam-E-Mustafa’ का भावनात्मक केंद्र बन जाता है।

यह भूमिका Nana Patekar की उस परिचित image से अलग थी, जिसमें अक्सर anti-establishment tirades दिखाई देती थीं। यहां remorse और किसी परिवार का हिस्सा बनने की इच्छा ने किरदार को वजन दिया। Mustafa की ताकत उन लोगों के लिए मायने रखती है जिन्हें उसने बचाने का फैसला किया।

8. ‘Ab Tak Chhappan’ — Sadhu Agashe

**Director:** Shimit Amin
**Released:** February 27, 2004
**Main cast:** Nana Patekar, Revathi, Yashpal Sharma, Nakul Vaid और Mohan Agashe

‘Ab Tak Chhappan’ में Sadhu Agashe एक Mumbai encounter specialist है, जिसके लिए हत्या रोजमर्रा के काम का हिस्सा बन चुकी है। इस किरदार की सबसे बड़ी खासियत उसका menace है, जिसे दिखाने के लिए उसे बहुत ज्यादा कोशिश करते हुए नहीं देखा जाता।

फिल्म police violence को colleagues, domestic routines और professional rivalries के साथ रखती है। इस वजह से सामान्य दिखने वाला माहौल धीरे-धीरे असहज करने लगता है।

Nana Patekar ने Sadhu को बेहद controlled अंदाज में निभाया। उनकी आंखों, body language और underplaying ने इस किरदार को उनकी कई ज्यादा demonstrative भूमिकाओं से अलग बनाया। Sadhu को हर बार अपनी authority जताने के लिए भाषण देने की जरूरत नहीं पड़ती। इस morally compromised दुनिया में उसका सहज रहना ही परेशान करने वाला था।

9. ‘Apaharan’ — Tabrez Alam

**Director:** Prakash Jha
**Released:** December 2, 2005
**Main cast:** Nana Patekar, Ajay Devgn, Bipasha Basu, Yashpal Sharma और Mohan Agashe

‘Apaharan’ में Tabrez Alam उस ताकत का चेहरा है जिसमें crime खुद व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। Prakash Jha की Bihar की kidnapping industry पर आधारित इस कहानी में एक political leader criminal और institutional boundaries के पार फैले network को नियंत्रित करता है।

Ajay Devgn का aspiring policeman इसी दुनिया में खिंचता चला जाता है, जहां Tabrez का प्रभाव तय करता है कि कौन ऊपर जाएगा और कौन इस्तेमाल होकर रह जाएगा।

Nana Patekar ने Tabrez को ऐसा authority दी जो बिना किसी अतिरिक्त प्रदर्शन के स्थापित महसूस होती है। इस भूमिका के लिए उन्हें Filmfare Award for Best Villain मिला। Nana Patekar के antagonists में Tabrez की खासियत उसके control का scale है—उसका criminal reach उन्हीं structures के जरिए काम करता है जिन्हें उसे रोकना चाहिए था।

10. ‘Taxi No. 9211’ — Raghav Shastri

**Director:** Milan Luthria
**Released:** February 24, 2006
**Main cast:** Nana Patekar, John Abraham, Sonali Kulkarni और Sameera Reddy

‘Taxi No. 9211’ में Nana Patekar की explosive energy एक आम working life के दबावों के बीच दिखाई दी। Raghav Shastri एक cab driver है, जो अपनी पत्नी से अपना occupation छिपाता है और financial problems से जूझता है। एक wealthy passenger से हुई मुलाकात उसके पहले से मुश्किल दिन को और बिगाड़ देती है।

उसका pride कई मुश्किल परिस्थितियों को और खराब कर देता है। लेकिन Raghav सिर्फ गुस्से वाला व्यक्ति नहीं है। उसके भीतर irritation, wit, shame और affection एक साथ मौजूद हैं।

John Abraham के Jai के साथ उसके टकराव से पता चलता है कि एक ही शहर को दो लोग कितने अलग तरीके से अनुभव कर सकते हैं। वहीं उसके family relationships यह दिखाते हैं कि वह क्या खोने से डरता है। Nana Patekar ने उसकी abrasiveness को पहचानने योग्य रखा, लेकिन उसे सिर्फ उसी तक सीमित नहीं किया।

11. ‘Welcome’ — Uday Shetty

**Director:** Anees Bazmee
**Released:** December 21, 2007
**Main cast:** Nana Patekar, Anil Kapoor, Akshay Kumar, Katrina Kaif, Paresh Rawal, Feroz Khan और Mallika Sherawat

‘Welcome’ ने Nana Patekar की gangster image को बिल्कुल अलग दिशा दी। Uday Shetty एक don है, जो अपनी बहन के लिए respectable marriage चाहता है और खुद acting के सपने भी रखता है।

उसकी criminal reputation लगातार इन घरेलू और professional ambitions से टकराती रहती है। वहीं Anil Kapoor का Majnu Bhai उसकी जिंदगी में एक और unpredictable presence लेकर आता है।

Nana Patekar की comic timing Uday की कोशिशों को खास बनाती है। वह अपनी समस्याओं को पूरी गंभीरता से लेता है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी absurd क्यों न हो जाएं। इस किरदार ने दर्शकों की एक नई generation को Nana Patekar के अलग रूप से परिचित कराया और Uday के खुद को control करने के प्रयास popular culture का हिस्सा बन गए।

12. ‘Raajneeti’ — Brij Gopal

**Director:** Prakash Jha
**Released:** June 4, 2010
**Main cast:** Nana Patekar, Ranbir Kapoor, Ajay Devgn, Katrina Kaif, Arjun Rampal और Manoj Bajpayee

‘Raajneeti’ में Brij Gopal को किसी भी बड़े spectacle के केंद्र में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती। वह एक political family के सदस्यों को सत्ता की बढ़ती और brutal लड़ाई के बीच दिशा देता है।

फिल्म में Mahabharata के parallels उसे Krishna जैसे strategist के रूप में पेश करते हैं—वह लड़ाई को देखता है और साथ ही उसके रास्ते को प्रभावित भी करता है।

Nana Patekar ने Brij की watchfulness को authority दी। उसकी measured advice और political calculation की समझ उसे Tabrez Alam जैसे खुले तौर पर threatening character से अलग बनाती है। उसकी ताकत इस बात में है कि वह जानता है कब हस्तक्षेप करना है, किसे दिशा देनी है और जीत हासिल करने के लिए किस कीमत का सामना करना होगा।

13. ‘Dr. Prakash Baba Amte – The Real Hero’ — Dr. Prakash Amte

**Director:** Samruddhi Porey
**Released:** October 10, 2014
**Main cast:** Nana Patekar, Sonali Kulkarni और Mohan Agashe

इस Marathi biopic में Nana Patekar ने physician और social worker Prakash Amte का किरदार निभाया। फिल्म में Hemalkasa में उनके काम के प्रति commitment को दिखाया गया है। Sonali Kulkarni ने Mandakini Amte की भूमिका निभाई।

फिल्म humanitarian work के साथ-साथ दोनों के companionship और रोजमर्रा के अनुभवों को भी जगह देती है।

Nana Patekar की warmth ने इस किरदार को मानवीय स्तर दिया। यहां character की strength aggression से नहीं, बल्कि patience, conviction और लगातार care से आती है। यह भूमिका उनकी range को समझने के लिए खास है, क्योंकि इसमें उन्होंने gentleness को character की authority का आधार बनाया।

14. ‘Kaala’ — Haridev ‘Hari Dada’ Abhayankar

**Director:** Pa. Ranjith
**Released:** June 7, 2018
**Main cast:** Rajinikanth, Nana Patekar, Easwari Rao, Huma Qureshi और Samuthirakani

‘Kaala’ में Nana Patekar ने politician-landlord antagonist Haridev ‘Hari Dada’ Abhayankar का किरदार निभाया। उसका टकराव Rajinikanth के Dharavi leader से land, belonging और power को लेकर होता है।

Hari Dada के साफ-सुथरे सफेद कपड़े और order की बातें उसके ambitions के पीछे छिपे coercion को ढकती हैं। जिस community को वह हटाना चाहता है, उसके प्रति उसका contempt इस conflict को सिर्फ political नहीं रहने देता, बल्कि उसे व्यक्तिगत भी बना देता है।

Nana Patekar ने Hari Dada को ऐसा confidence दिया कि Rajinikanth के साथ उसके scenes दो बिल्कुल अलग worldviews की टक्कर जैसे लगते हैं। इस Tamil film में उनकी performance ने दिखाया कि वह किसी दूसरे बड़े star के cinematic space में जाकर भी ऐसा antagonist निभा सकते हैं जो कहानी के drama को और मजबूत करे।

15. ‘Natsamrat’ — Ganpatrao ‘Appa’ Belwalkar

**Director:** Mahesh Manjrekar
**Released:** January 1, 2016
**Main cast:** Nana Patekar, Medha Manjrekar, Vikram Gokhale, Mrunmayee Deshpande और Sunil Barve

एक उम्रदराज theatre legend, जिसने stage छोड़ दिया है लेकिन उसकी भाषा अब भी नहीं छोड़ पाया, Ganpatrao ‘Appa’ Belwalkar Nana Patekar के सबसे भावनात्मक किरदारों में से एक है।

Kusumagraj के चर्चित Marathi play से adapted ‘Natsamrat’ एक retired actor की कहानी है, जिसके family relationships टूटने लगते हैं। इसके बाद वह और उसकी पत्नी security और dignity की तलाश में रह जाते हैं।

Nana Patekar ने Appa में wit, affection, resentment और grief को एक साथ जगह दी। किरदार के performer वाले गौरव और एक आम इंसान की कमजोरी साथ-साथ चलती है। Medha Manjrekar और Vikram Gokhale के साथ उनके scenes इन losses को बेहद निजी बना देते हैं।

Appa में Nana Patekar की अभिनय क्षमता के कई रंग एक साथ दिखाई देते हैं—आवाज, screen presence, भावनाओं में अचानक बदलाव और आहत आत्मसम्मान को सामने लाने की क्षमता। यह किरदार उनके सफर को याद करने के लिए एक fitting जगह बनता है: एक ऐसा आदमी जिसके लिए acting जिंदगी को समझने का तरीका बनी रहती है, तब भी जब जिंदगी बेहद क्रूर हो चुकी हो।
 

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