कंगना रनौत ने नसीरुद्दीन शाह पर साधा निशाना, जानिए उनके 15 सबसे विवादित बयानों के बारे में

कंगना रनौत ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधा है। बॉलीवुड विवादों से लेकर राजनीतिक बयानों तक, जानिए कंगना रनौत के उन 15 बयानों के बारे में, जिन्होंने उन्हें बार-बार विवादों में ला दिया।

हिंदी एंटरटेनमेंट डेस्क
Written By: हिंदी एंटरटेनमेंट डेस्क
Updated: August 13, 2026 | 13:02 IST
कंगना रनौत के पिछले कुछ वर्षों में दिए गए 15 सबसे विवादित बयानों पर डालिए एक नजर।
कंगना रनौत के पिछले कुछ वर्षों में दिए गए 15 सबसे विवादित बयानों पर डालिए एक नजर।

बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत उन सितारों में शामिल हैं, जिनके बयान अक्सर सुर्खियां बन जाते हैं। चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकीं कंगना ने पिछले कुछ वर्षों में परिवारवाद पर सवाल उठाने से लेकर फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी हस्तियों को घेरने तक, कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी है। राजनीति, धर्म और राष्ट्रीय मामलों पर भी वह बेबाकी से बोलती रही हैं। यही वजह है कि उनके बयानों ने जहां उन्हें बड़ी संख्या में समर्थक दिए हैं, वहीं कई मौकों पर तीखी आलोचना, कानूनी शिकायतें, राजनीतिक विरोध और सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ी है। 

हाल ही में कंगना रनौत और दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। इस विवाद ने एक बार फिर कंगना को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। ऐसे में नजर डालते हैं उन 15 मौकों पर, जब कंगना रनौत अपने बयानों को लेकर बड़े विवादों में घिरीं।

1. नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहकर साधा निशाना

ताजा विवाद की शुरुआत झारखंड में चल रहे छात्र प्रदर्शनों के दौरान बॉलीवुड की कई हस्तियों की चुप्पी को लेकर नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी से हुई। दिग्गज अभिनेता ने मुंह में हड्डी दबाए ऐसे कुत्ते का उदाहरण दिया, जो भौंक नहीं सकता। उनका इशारा इस ओर था कि सितारे तभी बोलेंगे, जब उनकी अंतरात्मा उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर करेगी या फिर उन्हें चुप रखने वाले फायदे खत्म हो जाएंगे। 

इसके बाद अभिनेता पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह की इस तुलना पर आपत्ति जताई। कंगना रनौत ने उनका समर्थन करते हुए बहस में एंट्री की। अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कंगना ने लिखा कि भले ही हर कोई “किसी न किसी का कुत्ता” हो सकता है, लेकिन उन्हें उस देश की रखवाली करने पर गर्व है, जिसकी “रोटी” वह खाती हैं। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह पर आरोप लगाया कि वह भारत में रहते हैं, लेकिन पड़ोसी देश के लिए लड़ते हैं। इसके बाद कंगना ने उन्हें “लोमड़ी” कहा और लिखा कि वह खुद कुत्ता कहलाना पसंद करेंगी, क्योंकि वफादारी अब दुर्लभ हो गई है। 

हालांकि, कंगना और नसीरुद्दीन शाह के बीच यह पहली भिड़ंत नहीं है। 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में फिल्मी हस्तियों के हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने कथित तौर पर कंगना को “आधी-अधूरी पढ़ी-लिखी स्टारलेट” कहा था। जवाब में कंगना ने सवाल किया था कि अगर वह किसी स्थापित फिल्मी परिवार की बेटी होतीं, तो क्या नसीरुद्दीन शाह उनसे इसी तरह बात करते। 

2. Gen-Z प्रदर्शनकारियों को ‘Generation Gutter’ कहा

जुलाई 2026 में कंगना ने परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में Cockroach Janta Party के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में शामिल युवाओं की कड़ी आलोचना की। प्रदर्शन के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे “उल्टी आने जैसा” बताया और सवाल किया कि इन प्रदर्शनकारियों को “कौन पैदा कर रहा है और कौन पाल रहा है।” उन्होंने प्रदर्शन के दृश्यों को “गंदगी, कचरे और कुरूपता” का जमावड़ा भी बताया। 

कंगना की सबसे तीखी टिप्पणी युवा महिलाओं को लेकर थी। उन्होंने एक वर्ग को “Generation Gutter” कहा और उन्हें “बदसूरत और भ्रष्ट” बताते हुए आरोप लगाया कि वे नशे, शराब और “अनगिनत शारीरिक संबंधों” के जरिए आजादी का दिखावा करती हैं, जबकि अब भी अपने माता-पिता पर निर्भर हैं। उनके इन बयानों की राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अभिनेताओं ने आलोचना की। अभिनेता सोनू सूद ने भी ऐसी भाषा को शर्मनाक बताया। 

बाद में कंगना ने सफाई दी कि उनका निशाना पूरी Gen-Z पीढ़ी नहीं, बल्कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले प्रदर्शनकारी थे। कुछ दिनों बाद उन्होंने Gen-Z को देश की “सबसे बड़ी ताकत और संपत्ति” बताया। यह बदलाव RSS प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने इस पीढ़ी की चिंताओं को सुने जाने की बात कही थी। इसी बीच आगरा के एक वकील ने “Generation Gutter” टिप्पणी को लेकर कथित तौर पर कानूनी कार्रवाई भी शुरू की। 

3. ऋतिक रोशन और सबा आजाद को लेकर फिर छिड़ा विवाद

कंगना रनौत और ऋतिक रोशन के बीच विवाद की शुरुआत 2016 में हुई थी। एक इंटरव्यू में कंगना ने एक व्यक्ति के लिए “सिली एक्स” शब्द का इस्तेमाल किया था। इसे व्यापक तौर पर ऋतिक रोशन से जोड़कर देखा गया। ऋतिक ने कंगना के साथ किसी रोमांटिक रिश्ते से इनकार किया और उनसे माफी की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा। कंगना ने भी जवाबी नोटिस भेजा। इसके बाद ईमेल, आरोपों और लगातार दिए गए इंटरव्यू के चलते दोनों के बीच बॉलीवुड का एक बेहद चर्चित विवाद सामने आया। 

अगस्त 2026 में सोशल मीडिया पर एक अभियान चलने लगा, जिसमें कहा गया कि लोगों को ऋतिक से माफी मांगनी चाहिए। ऋतिक ने इस अभियान से जुड़ी एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। इसके बाद कंगना ने उन पर “आग में घी डालने” का आरोप लगाया और अभिनेत्री-संगीतकार सबा आजाद को शर्मिंदा करना बंद करने को कहा। इस निजी टिप्पणी के बाद दोनों का करीब एक दशक पुराना विवाद फिर सुर्खियों में आ गया। 

4. किसान आंदोलन के दौरान ‘बांग्लादेश जैसे हालात’ का दावा

अगस्त 2024 में सांसद बनने के कुछ ही समय बाद कंगना ने आरोप लगाया कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन से भारत में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा हो सकते थे, अगर देश का नेतृत्व मजबूत नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान शव लटकाए गए और बलात्कार हुए थे। साथ ही उन्होंने चीन और अमेरिका जैसी विदेशी ताकतों के आंदोलन की योजना बनाने में शामिल होने का भी आरोप लगाया। 

कंगना के इस बयान से बीजेपी ने खुद को स्पष्ट रूप से अलग कर लिया। पार्टी ने कहा कि उनकी टिप्पणी पार्टी का रुख नहीं है और उनसे असहमति जताते हुए उन्हें भविष्य में पार्टी की नीतियों पर बयान देने से बचने की सलाह दी।

इसके करीब एक महीने बाद कंगना ने तीनों निरस्त कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की मांग कर एक और विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को खुद इन कानूनों की वापसी की मांग करनी चाहिए। बीजेपी की दोबारा फटकार के बाद कंगना ने अपना बयान वापस ले लिया और कहा कि उन्हें याद रखना चाहिए कि अब वह केवल एक कलाकार के तौर पर नहीं, बल्कि पार्टी की प्रतिनिधि के रूप में भी बोलती हैं। 

5. 1947 की आजादी को ‘भीख’ बताने वाला बयान

कंगना के सबसे ज्यादा आलोचना झेलने वाले बयानों में से एक नवंबर 2021 में सामने आया। एक मीडिया कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि 1947 में भारत को जो आजादी मिली, वह “भीख” थी और देश को “असली आजादी” 2014 में मिली। उनके इस बयान को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी के सत्ता में आने के संदर्भ में देखा गया। 

बीजेपी नेता वरुण गांधी ने कंगना पर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया। कई राजनीतिक नेताओं ने उनका पद्मश्री वापस लेने की मांग की। महाराष्ट्र बीजेपी के नेता चंद्रकांत पाटिल ने भी सार्वजनिक तौर पर उनके बयान को पूरी तरह गलत बताया। हालांकि, उस समय कंगना ने अपना बयान वापस लेने से इनकार किया और आलोचकों से सवाल किया कि 1947 में कौन-सा युद्ध लड़ा गया था। 

इसके बाद कंगना ने दावा किया कि सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह को महात्मा गांधी का कोई समर्थन नहीं मिला था। गांधी के “एक गाल पर थप्पड़ पड़े तो दूसरा गाल आगे कर दो” वाले विचार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा रवैया सिर्फ “भीख” दिला सकता है, आजादी नहीं। 

6. किसान आंदोलन को खालिस्तानी आंदोलन बताने का आरोप

नवंबर 2021 में सरकार द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने के बाद कंगना ने खालिस्तानी तत्वों को लेकर कई टिप्पणियां कीं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे तत्वों को कुचला था। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि कंगना ने किसान मोर्चे को खालिस्तानी आंदोलन के तौर पर पेश किया और सिख समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। 

इसके बाद मुंबई में धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में कंगना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति ने भी उन्हें इन पोस्ट को लेकर तलब किया। कंगना ने कहा कि उनकी टिप्पणियां पूरे सिख समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि अलगाववादियों के खिलाफ थीं। 

7. बंगाल पर पोस्ट के बाद ट्विटर अकाउंट हुआ निलंबित

2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों और चुनाव के बाद हिंसा की खबरों के बीच कंगना ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कई पोस्ट किए। एक ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वह “2000 के शुरुआती वर्षों” वाला अपना “विराट रूप” दिखाकर ममता बनर्जी को “काबू” में करें। 

मई 2021 में ट्विटर ने कंगना का अकाउंट स्थायी रूप से निलंबित कर दिया। कंपनी ने कहा कि उन्होंने घृणास्पद आचरण और अपमानजनक व्यवहार से जुड़ी उसकी नीतियों का बार-बार उल्लंघन किया था। कंगना ने ट्विटर पर नस्ली भेदभाव का आरोप लगाया। करीब दो साल बाद जनवरी 2023 में उनका अकाउंट बहाल कर दिया गया। 

8. रिहाना को ‘मूर्ख’ और किसानों को ‘आतंकवादी’ कहा

फरवरी 2021 में अंतरराष्ट्रीय पॉप स्टार रिहाना ने भारतीय किसान आंदोलन को लेकर सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर ज्यादा लोग बात क्यों नहीं कर रहे हैं। इसके जवाब में कंगना ने रिहाना को “मूर्ख” कहा और दावा किया कि प्रदर्शनकारी किसान नहीं, बल्कि “आतंकवादी” हैं, जो भारत को बांटना चाहते हैं ताकि चीन एक कमजोर देश पर कब्जा कर सके। 

कंगना की इन टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इसी दौरान अभिनेता-गायक दिलजीत दोसांझ के साथ भी उनकी तीखी बहस शुरू हो गई। 

9. किसान आंदोलन को लेकर दिलजीत दोसांझ से भिड़ंत

2020 में किसान आंदोलन तेज होने के दौरान कंगना ने इसकी जमकर आलोचना की। इसके बाद पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के साथ उनकी तीखी बहस शुरू हुई। दिलजीत ने प्रदर्शनकारी किसानों का खुलकर समर्थन किया था।

सोशल मीडिया पर हुई इस बहस के दौरान कंगना ने दिलजीत को करण जौहर का “पालतू” और चापलूस तक कहा। दोनों के बीच हुई लगातार बयानबाजी उस साल के सबसे चर्चित सेलिब्रिटी विवादों में शामिल रही और इसने सोशल मीडिया पर भी खूब ध्यान खींचा। 

10. महिंदर कौर पर ‘100 रुपये’ वाली पोस्ट और मानहानि का मामला

दिसंबर 2020 में कंगना ने एक ऐसी पोस्ट साझा की, जिसमें बुजुर्ग किसान महिंदर कौर की पहचान शाहीन बाग आंदोलन की चर्चित चेहरा बिलकिस बानो के रूप में गलत तरीके से की गई थी। पोस्ट में दावा किया गया था कि ऐसी महिलाओं को 100 रुपये देकर प्रदर्शनों में शामिल किया जा सकता है। किसान आंदोलन में शामिल महिंदर कौर ने इसके खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई। 

जून 2024 में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF की कांस्टेबल कुलविंदर कौर द्वारा कथित तौर पर कंगना को थप्पड़ मारे जाने के बाद यह पुराना विवाद फिर चर्चा में आया। घटना के बाद रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में कुलविंदर कौर ने कंगना की 100 रुपये वाली टिप्पणी का जिक्र किया था। हालांकि, किसी भी तरह की शारीरिक हिंसा की व्यापक तौर पर निंदा हुई और कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया। 

मानहानि का मामला अदालत में चलता रहा। अक्टूबर 2025 में बठिंडा की अदालत में पेश होने के बाद कंगना को जमानत मिल गई। उन्होंने अपनी पोस्ट को गलतफहमी बताया और खेद जताया। 

11. करण जौहर को ‘भाई-भतीजावाद का झंडाबरदार’ कहा

कंगना के बयानों से जुड़े हर विवाद ने उनकी लोकप्रियता को नुकसान ही पहुंचाया हो, ऐसा नहीं है। 2017 में ‘Koffee With Karan’ में कंगना ने शो के होस्ट करण जौहर को “भाई-भतीजावाद का झंडाबरदार” और “फिल्म माफिया” का हिस्सा बताया था। इस टिप्पणी ने फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय से चली आ रही भाई-भतीजावाद की बहस को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिया। 

करण जौहर ने जवाब में कंगना पर बार-बार खुद को पीड़ित के तौर पर पेश करने का आरोप लगाया और कहा कि अगर उन्हें फिल्म इंडस्ट्री इतनी दमनकारी लगती है, तो वह इसे छोड़ सकती हैं। दोनों के बीच हुई यह बहस बॉलीवुड में बाहरी व्यक्ति बनाम फिल्मी परिवारों की बहस का अहम हिस्सा बन गई और इसके बाद भी दोनों एक-दूसरे पर कई बार निशाना साधते रहे। 

12. तापसी पन्नू और स्वरा भास्कर को ‘बी-ग्रेड अभिनेत्रियां’ कहा

2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद भाई-भतीजावाद को लेकर छिड़ी बहस के दौरान कंगना ने तापसी पन्नू और स्वरा भास्कर को “काम की जरूरतमंद बाहरी कलाकार” और “बी-ग्रेड अभिनेत्रियां” कहा था। उनका तर्क था कि दोनों करण जौहर जैसे लोगों का बचाव करती हैं और भाई-भतीजावाद को लेकर उनके रुख को खारिज करती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बॉलीवुड के बड़े बैनरों से काम नहीं मिलता। 

तापसी ने अभिनेताओं को पढ़ाई की तरह ग्रेड दिए जाने के विचार का मजाक उड़ाते हुए जवाब दिया। स्वरा भास्कर ने भी कंगना की टिप्पणी पर पलटवार किया। इसके बाद यह विवाद निजी टिप्पणियों तक पहुंच गया। कंगना और उनकी बहन रंगोली चंदेल ने तापसी को “सस्ती कॉपी” तक कहा। 

13. जया बच्चन के ‘थाली’ वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

2020 में संसद में दिए एक भाषण के दौरान जया बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री को बदनाम करने की कोशिशों की आलोचना की थी। उन्होंने उस हिंदी कहावत का जिक्र किया था, जिसमें उसी थाली में छेद करने की बात कही जाती है, जिससे खाना मिलता है। इसके जवाब में कंगना ने कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें ऐसी कोई “थाली” नहीं दी। 

इसके बाद कंगना ने आरोप लगाया कि अभिनेत्रियों को मिलने वाली “थाली” में छोटे किरदार, आइटम नंबर और हीरो के साथ रोमांटिक दृश्य शामिल होते हैं, जो कथित तौर पर हीरो के साथ संबंध बनाने के बाद मिलते हैं। उनके इस बयान की स्वरा भास्कर ने “घिनौना” और “शर्मनाक” कहकर आलोचना की। कई अन्य लोगों ने भी कंगना पर फिल्म इंडस्ट्री की वरिष्ठ हस्ती का अपमान करने और सिनेमा में महिलाओं के संघर्ष को हल्का करने का आरोप लगाया। 

14. मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से की

2020 में कंगना को उस समय भारी राजनीतिक और सार्वजनिक विरोध का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस से उन्हें “फिल्म माफिया” से ज्यादा डर लगता है। इसके बाद उन्होंने मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK से कर दी। 

उनके बयान के बाद महाराष्ट्र की तत्कालीन सरकार के साथ राजनीतिक टकराव और बढ़ गया। इसके कुछ समय बाद नगर निगम की एक टीम अचानक कंगना के प्रोडक्शन हाउस पहुंची। टीम ने कथित अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया और परिसर में आंशिक तोड़फोड़ की कार्रवाई की। 

15. पत्रकार से विवाद के बाद मीडिया ने किया बहिष्कार

2019 में ‘Judgementall Hai Kya’ के प्रचार कार्यक्रम के दौरान कंगना ने पत्रकार जस्टिन राव का सवाल पूरा होने से पहले ही उन्हें रोक दिया। उन्होंने पत्रकार पर अपने खिलाफ अभियान चलाने और ‘Manikarnika: The Queen Of Jhansi’ की अनुचित आलोचना करने का आरोप लगाया। पत्रकार ने कंगना के दावे पर आपत्ति जताई, जिसके बाद फिल्म की टीम के सामने दोनों के बीच बहस हो गई। 

इसके बाद Entertainment Journalists’ Guild ने कंगना से माफी मांगने तक उनका बहिष्कार करने की घोषणा की। निर्माता एकता कपूर ने घटना पर खेद जताया, लेकिन कंगना ने माफी मांगने से इनकार कर दिया और मीडिया के एक वर्ग पर निशाना साधते हुए वीडियो जारी किया। इसके बाद मुंबई प्रेस क्लब और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने भी बहिष्कार का समर्थन किया।

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