रानी मुखर्जी से पहले इन 10 भारतीय सितारों को विदेशों में मिल चुकी है मानद डॉक्टरेट की उपाधि, शाहरुख से अमिताभ तक नाम शामिल
रानी मुखर्जी को ऑस्ट्रेलिया की ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया है। जानिए शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन समेत उन 10 भारतीय सितारों के बारे में, जिन्हें विदेशों में यह सम्मान मिला।
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रानी मुखर्जी के करियर में 14 अगस्त का दिन एक और बड़ी उपलब्धि लेकर आया। ऑस्ट्रेलिया की ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने भारतीय सिनेमा में उनके योगदान और पर्दे से बाहर किए गए उनके काम को देखते हुए उन्हें मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स की उपाधि से सम्मानित किया। फिल्म इंडस्ट्री में तीन दशक से अधिक का सफर तय कर चुकीं रानी ने अपनी अलग-अलग तरह की भूमिकाओं और दमदार अभिनय से भारत ही नहीं, विदेशों में भी दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई है।
इस सम्मान के साथ रानी मुखर्जी उस खास सूची में शामिल हो गई हैं, जिसमें भारतीय सिनेमा के कई बड़े नाम पहले से मौजूद हैं। वह शाहरुख खान के बाद ला ट्रोब यूनिवर्सिटी से यह सम्मान पाने वाली दूसरी भारतीय फिल्म हस्ती हैं। शाहरुख को 2019 में इस विश्वविद्यालय ने मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स की उपाधि दी थी। रानी को मिले सम्मान में उनके अभिनय के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री से बाहर सामाजिक कार्यों और पहलों में उनके योगदान को भी मान्यता दी गई है।
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रानी के करियर के इस पड़ाव पर मिला यह सम्मान उनकी उपलब्धियों को एक बार फिर रेखांकित करता है। उन्होंने कमर्शियल फिल्मों से लेकर गंभीर और अभिनय-केंद्रित कहानियों तक में अपनी प्रतिभा दिखाई है। इससे पहले इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) भी उन्हें अभिनय में योगदान के लिए विशेष प्रशस्ति देकर सम्मानित कर चुका है। फेस्टिवल ने उनके तीन दशक के काम और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके अभिनय के प्रभाव को सराहा था।
रानी मुखर्जी अब उन भारतीय कलाकारों की सूची में शामिल हो गई हैं, जिन्हें देश से बाहर भी उनके काम के लिए अकादमिक सम्मान मिला है। यह सूची भारतीय सिनेमा की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और उसके सांस्कृतिक प्रभाव को भी दर्शाती है। शाहरुख खान से लेकर शबाना आजमी तक, कई भारतीय सितारों को दुनिया के अलग-अलग देशों के विश्वविद्यालयों ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया है।
आइए जानते हैं रानी मुखर्जी के अलावा उन 10 भारतीय कलाकारों के बारे में, जिन्हें विदेशों में मानद डॉक्टरेट मिल चुकी है।
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1. शाहरुख खान – ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालय
शाहरुख खान के पास भारतीय कलाकारों में मानद डॉक्टरेट की सबसे प्रभावशाली उपलब्धियों में से एक है। उन्हें सबसे पहले 2009 में ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ बेडफोर्डशायर ने आर्ट्स एंड कल्चर में मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी थी। यह सम्मान अभिनेता और निर्माता के तौर पर उनके योगदान को देखते हुए दिया गया था।
इसके बाद 2015 में यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग ने उन्हें डॉक्टर होनोरिस कॉसा की उपाधि से सम्मानित किया। इस सम्मान में उनके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के साथ-साथ परोपकारी और मानवीय कार्यों को भी अहमियत दी गई।
शाहरुख को 2019 में लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ ने भी मानद डॉक्टरेट दी। इस दौरान मानवाधिकार और परोपकार के क्षेत्र में उनके काम को खास तौर पर सराहा गया। उसी साल ऑस्ट्रेलिया की ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने उन्हें मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स की उपाधि दी। इसमें मीर फाउंडेशन की उन महिलाओं के लिए की गई पहल को भी मान्यता मिली, जो एसिड अटैक से बची थीं। बाद में विश्वविद्यालय ने शाहरुख खान ला ट्रोब यूनिवर्सिटी पीएचडी स्कॉलरशिप भी शुरू की।
2. अमिताभ बच्चन – डी मॉन्टफोर्ट यूनिवर्सिटी और लीड्स मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी, ब्रिटेन
अमिताभ बच्चन की अंतरराष्ट्रीय पहचान को अकादमिक जगत में भी सम्मान मिला है। जुलाई 2006 में लीसेस्टर की डी मॉन्टफोर्ट यूनिवर्सिटी ने उन्हें मानद डॉक्टर ऑफ आर्ट्स की उपाधि दी। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक, यह सम्मान फिल्मों में उनके शानदार करियर और भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए दिया गया था।
इसके एक साल बाद अमिताभ को लीड्स मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी से भी मानद डॉक्टर ऑफ आर्ट्स की उपाधि मिली। इस विश्वविद्यालय को अब लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी के नाम से जाना जाता है। इसके 2007 के मानद स्नातकों की सूची में अमिताभ के साथ शबाना आजमी और फिल्ममेकर यश चोपड़ा के नाम भी शामिल थे।
3. अक्षय कुमार – यूनिवर्सिटी ऑफ विंडसर, कनाडा
अक्षय कुमार ने 2008 में मानद डॉक्टरेट पाने वाले भारतीय कलाकारों की सूची में जगह बनाई। कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ विंडसर ने उन्हें मानद डॉक्टर ऑफ लॉ की उपाधि से सम्मानित किया था। 9 मई 2008 को ओंटारियो में उन्हें यह सम्मान दिया गया। विश्वविद्यालय ने फिल्म इंडस्ट्री में उनके काम के साथ सामाजिक कार्यों में योगदान को भी इसकी वजह बताया था।
उस समय तक अक्षय हिंदी सिनेमा के बड़े कमर्शियल सितारों में अपनी जगह बना चुके थे। भारत और कनाडा में उनके परोपकारी कार्यों को भी पहचान मिल रही थी। अक्षय ने इस सम्मान को अपनी जिंदगी का बेहद खास पल बताया था। इसके साथ ही वह अमिताभ बच्चन, शबाना आजमी और शिल्पा शेट्टी जैसी भारतीय फिल्म हस्तियों की सूची में शामिल हो गए थे, जिन्हें विदेशी विश्वविद्यालयों से सम्मान मिल चुका था।
4. शबाना आजमी – लीड्स मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी और साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी
शबाना आजमी का करियर बेहतरीन अभिनय के साथ लंबे समय से सामाजिक सक्रियता के लिए भी जाना जाता है। 2007 में लीड्स मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी ने उन्हें मानद डॉक्टर ऑफ आर्ट्स की उपाधि दी थी। विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूची में इस सम्मान और वर्ष का उल्लेख है।
इसके बाद 2013 में कनाडा की साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टर ऑफ फाइन आर्ट्स, होनोरिस कॉसा की उपाधि से सम्मानित किया। विश्वविद्यालय ने उन्हें पुरस्कार विजेता अभिनेत्री बताते हुए महिलाओं, अल्पसंख्यकों और विस्थापित झुग्गी-बस्ती के निवासियों के अधिकारों के लिए उनकी आवाज को भी सराहा। यह डिग्री 12 जून 2013 को औपचारिक रूप से प्रदान की गई थी।
शबाना का अभिनय करियर और सार्वजनिक जीवन हमेशा सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों के साथ आगे बढ़ा है। ऐसे में यह सम्मान उनके लिए सिर्फ पर्दे पर मिली सफलता तक सीमित नहीं था।
5. शिल्पा शेट्टी – लीड्स मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी, ब्रिटेन
शिल्पा शेट्टी को 2007 में लीड्स मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी ने मानद डॉक्टर ऑफ आर्ट्स की उपाधि से सम्मानित किया था। यह सम्मान उन्हें उस समय मिला, जब सेलिब्रिटी बिग ब्रदर जीतने के बाद ब्रिटेन में उनकी पहचान काफी बढ़ गई थी।
विश्वविद्यालय की आधिकारिक मानद स्नातक सूची में शिल्पा का नाम उस साल सम्मान पाने वालों में दर्ज है। इसी दौर में अमिताभ बच्चन, शबाना आजमी और फिल्ममेकर यश चोपड़ा को भी इस संस्थान ने सम्मानित किया था। यह शिल्पा के लिए ऐसा समय था, जब उनकी लोकप्रियता भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से आगे बढ़कर ब्रिटिश पॉपुलर कल्चर तक पहुंच चुकी थी।
6. प्रीति जिंटा – यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन, ब्रिटेन
प्रीति जिंटा को अक्टूबर 2010 में यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन ने मानद डॉक्टरेट ऑफ आर्ट्स की उपाधि दी थी। यह सम्मान उन्हें फिल्मों में उनके योगदान के साथ मानवीय और सामाजिक कार्यों के लिए मिला। विश्वविद्यालय के डॉकलैंड्स कैंपस में आयोजित विशेष दीक्षांत समारोह के दौरान उन्हें सम्मानित किया गया।
सम्मान-पत्र में प्रीति को अंतरराष्ट्रीय अभिनेत्री, हिंदी सिनेमा की अग्रणी स्टार और समर्पित समाजसेवी बताया गया था। विश्वविद्यालय ने उनके सामाजिक कार्यों को भी खास महत्व दिया। इनमें रक्तदान से जुड़ी पहल और HIV/AIDS, मानव तस्करी तथा सड़क पर रहने वाले बच्चों की स्थिति के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयास शामिल थे।
उस समय तक प्रीति 'दिल से..', 'क्या कहना', 'कल हो ना हो' और 'वीर-जारा' जैसी फिल्मों में काम कर चुकी थीं। उन्होंने इस सम्मान को खास बताते हुए कहा था कि इसमें किसी एक फिल्म में प्रदर्शन के बजाय उनके सांस्कृतिक और मानवीय योगदान को पहचान मिली है।
7. शर्मिला टैगोर – एडिनबर्ग नेपियर यूनिवर्सिटी, ब्रिटेन
दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर को 2012 में एडिनबर्ग नेपियर यूनिवर्सिटी ने मानद डॉक्टरेट ऑफ आर्ट्स से सम्मानित किया था। विश्वविद्यालय के मानद स्नातकों की आधिकारिक सूची में उनका नाम और डिग्री का वर्ष स्पष्ट रूप से दर्ज है।
यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया था। शर्मिला का करियर सत्यजीत रे के साथ उनकी चर्चित फिल्मों से शुरू होकर हिंदी सिनेमा में उनके प्रभावशाली काम तक फैला हुआ है। उन्हें एडिनबर्ग में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियों के साथ यह सम्मान मिला था।
8. वीर दास – नॉक्स कॉलेज, अमेरिका
इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड जीत चुके वीर दास को आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉमेडियन के तौर पर खास पहचान मिली है, लेकिन उनका अभिनय करियर भी काफी बड़ा है। जून 2018 में अमेरिका के इलिनॉय स्थित नॉक्स कॉलेज ने अपने दीक्षांत समारोह में उन्हें डॉक्टर ऑफ फाइन आर्ट्स की उपाधि दी थी।
वीर दास खुद भी इसी कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने 2002 में थिएटर और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद यहां से ग्रेजुएशन किया था। कॉलेज ने अभिनेता, कॉमेडियन, संगीतकार और निर्माता के तौर पर उनकी उपलब्धियों के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक अलग-अलग संस्कृतियों के नजरिए पहुंचाने की उनकी क्षमता को भी सम्मानित किया।
9. अनुपम खेर – हिंदू यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका
अनुपम खेर को 2021 में एक अलग तरह का अकादमिक सम्मान मिला। हिंदू यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका ने उन्हें मानद डॉक्टर ऑफ हिंदू स्टडीज की उपाधि से सम्मानित किया। यह डिग्री 18 सितंबर 2021 को न्यूयॉर्क में आयोजित विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान की गई थी।
सैकड़ों भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्क्रीन क्रेडिट वाले अनुपम खेर इस समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे। उन्होंने इस सम्मान को पाकर खुद को गौरवान्वित और विनम्र महसूस करने की बात कही थी। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में उनका नाम संस्कृत, हिंदू स्टडीज और योग के स्नातक विद्यार्थियों के साथ दर्ज है। इस वजह से उनकी डिग्री इस सूची में शामिल डॉक्टर ऑफ आर्ट्स और डॉक्टर ऑफ लेटर्स जैसी उपाधियों से अलग है।
10. गुरदास मान – यूनिवर्सिटी ऑफ वॉल्वरहैम्प्टन, ब्रिटेन
पंजाबी गायक और अभिनेता गुरदास मान को सितंबर 2010 में ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ वॉल्वरहैम्प्टन ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया था। संगीत और मनोरंजन जगत में उनके योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। 7 सितंबर को वॉल्वरहैम्प्टन ग्रैंड थिएटर में आयोजित समारोह में उन्हें यह उपाधि प्रदान की गई थी। मान का करियर पंजाबी संगीत और संस्कृति को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाने में अहम रहा है।
गुरदास मान पंजाबी संगीत की प्रभावशाली आवाजों में गिने जाते हैं, लेकिन अभिनय की दुनिया में भी उनका लंबा सफर रहा है। वह 'मामला गड़बड़ है', 'शहीद-ए-मोहब्बत बूटा सिंह' और 'वारिस शाह: इश्क दा वारिस' जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। उनकी मौजूदगी इस सूची में पंजाबी सिनेमा को भी प्रतिनिधित्व देती है, जहां ज्यादातर नाम हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सितारों के हैं। यह सम्मान एक कलाकार और सांस्कृतिक प्रतिनिधि के तौर पर उनके दशकों लंबे योगदान को दर्शाता है।











