बॉलीवुड के इन 14 सितारों ने शोहरत मिलने से पहले बदले अपने असली नाम, कियारा आडवाणी से अक्षय कुमार तक की दिलचस्प कहानी
अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, सलमान खान और कैटरीना कैफ समेत बॉलीवुड के 14 सितारों के असली नाम और स्क्रीन नेम बदलने के पीछे की दिलचस्प कहानियां जानिए।
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बॉलीवुड के इन 14 सितारों ने शोहरत मिलने से पहले बदले अपने असली नाम, जानिए अमिताभ बच्चन से अक्षय कुमार तक की कहानी
बॉलीवुड में सितारों की पहचान सिर्फ उनकी फिल्मों, दमदार अभिनय और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस से नहीं बनती, बल्कि उनके नाम भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि, हिंदी सिनेमा के कई बड़े सितारे ऐसे हैं, जिन्हें दुनिया जिस नाम से जानती है, वह उनका जन्म के समय रखा गया नाम नहीं है।
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किसी ने ज्योतिष और अंक ज्योतिष की सलाह पर अपना नाम बदला, तो किसी ने फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए नया नाम चुना। कुछ सितारों ने नाम छोटा और याद रखने में आसान बनाने के लिए बदलाव किया, जबकि कुछ को दूसरे कलाकारों से मिलते-जुलते नाम के कारण अपना नाम बदलना पड़ा।
अमिताभ बच्चन, दिलीप कुमार, अक्षय कुमार, सलमान खान और कैटरीना कैफ जैसे सितारों के नाम बदलने के पीछे अलग-अलग कहानियां हैं। आइए, जानते हैं बॉलीवुड के उन 14 सितारों के बारे में, जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने से पहले अपने नाम में बदलाव किया।
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1. अमिताभ बच्चन: इंकलाब से बने अमिताभ
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का नाम आज हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी पहचानों में शामिल है। लेकिन उनका नाम हमेशा से अमिताभ नहीं था। उनके पिता और मशहूर कवि हरिवंश राय श्रीवास्तव ने जन्म के समय उनका नाम इंकलाब रखा था। यह नाम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोकप्रिय देशभक्ति नारे 'इंकलाब जिंदाबाद' से प्रेरित था।
बाद में दिग्गज कवि सुमित्रानंदन पंत के सुझाव पर उनका नाम बदलकर अमिताभ कर दिया गया। अमिताभ का अर्थ है 'वह प्रकाश जो कभी समाप्त नहीं होगा।' इसके साथ ही उन्होंने अपने पिता का उपनाम 'बच्चन' अपनाया और श्रीवास्तव सरनेम छोड़ दिया।
यह नाम उनके व्यक्तित्व के अनुरूप साबित हुआ। अपनी दमदार आवाज और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस के साथ उन्होंने 'शोले', 'दीवार', 'जंजीर', 'डॉन', 'ब्लैक' और 'पीकू' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं।
2. दिलीप कुमार: मोहम्मद यूसुफ खान से बने ट्रेजडी किंग
हिंदी सिनेमा में 'ट्रेजडी किंग' के नाम से मशहूर दिलीप कुमार का जन्म पेशावर में मोहम्मद यूसुफ खान के रूप में हुआ था। जब बॉम्बे टॉकीज स्टूडियो की प्रमुख देविका रानी ने उनकी प्रतिभा को पहचाना, तो उन्होंने अभिनेता को स्क्रीन नेम बदलने का सुझाव दिया।
इसके पीछे दो वजहें थीं। 'दिलीप कुमार' नाम में व्यापक भारतीय दर्शकों से जुड़ने की अपील थी। साथ ही, इस नाम से वह अपने सख्त मिजाज पिता से अपने नए पेशे को छिपाने में भी मदद पा सकते थे, क्योंकि उनके पिता को अभिनय के पेशे से कड़ी आपत्ति थी।
दिलीप कुमार का नाम आगे चलकर भारत में मेथड एक्टिंग की पहचान बन गया। पांच दशकों से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर को अपनी अदाकारी से खास पहचान दी। 'मुगल-ए-आजम', 'देवदास', 'नया दौर', 'मधुमती' और 'राम और श्याम' जैसी फिल्में उनके यादगार कामों में शामिल हैं।
3. अक्षय कुमार: राजीव हरि ओम भाटिया से बने खिलाड़ी कुमार
आज बॉलीवुड में एक्शन और कॉमेडी के लिए मशहूर अक्षय कुमार का असली नाम राजीव हरि ओम भाटिया था। फिल्म इंडस्ट्री में उनके शुरुआती दिनों में उन्हें महेश भट्ट की 1987 में आई फिल्म 'आज' में महज सात सेकंड के लिए नजर आने का मौका मिला था।
इस फिल्म में कुमार गौरव ने 'अक्षय' नाम के किरदार की भूमिका निभाई थी। राजीव हरि ओम भाटिया को यह नाम इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे अपने स्क्रीन नेम के रूप में अपना लिया।
अपनी जड़ों को सम्मान देने के लिए उन्होंने अपने प्रोडक्शन हाउस का नाम हरि ओम एंटरटेनमेंट रखा।
'अक्षय कुमार' नाम उनके लिए बेहद सफल साबित हुआ। वह देश के सबसे भरोसेमंद और कमाऊ सितारों में शामिल हो गए। 'हेरा फेरी', 'एयरलिफ्ट', 'स्पेशल 26', 'पैडमैन' और 'भूल भुलैया' जैसी फिल्मों में उन्होंने एक्शन, कॉमेडी और सामाजिक मुद्दों पर आधारित कहानियों में अपनी प्रतिभा दिखाई।
4. सलमान खान: लंबे नाम को किया छोटा
बॉलीवुड के 'भाईजान' सलमान खान का जन्म के समय पूरा नाम अब्दुल राशिद सलीम सलमान खान था। फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले उन्होंने अपने लंबे नाम को छोटा करके सलमान खान कर लिया।
इस बदलाव के पीछे वजह नाम को आसान और यादगार बनाना था। सिनेमाघरों में दर्शकों के लिए लंबे नाम को पुकारना मुश्किल हो सकता था, इसलिए उन्होंने छोटा नाम चुना।
यह नाम उनकी पहचान का अहम हिस्सा बन गया। 'मैंने प्यार किया' में रोमांटिक भूमिका से शुरुआत करने के बाद उन्होंने 'हम आपके हैं कौन', 'बजरंगी भाईजान', 'सुल्तान' और 'दबंग' सीरीज जैसी फिल्मों के जरिए बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
5. कैटरीना कैफ: टरक्वोट से कैफ तक का सफर
कैटरीना कैफ जब मॉडलिंग और अभिनय में करियर बनाने के लिए भारत आईं, तब वह अपनी मां के सरनेम टरक्वोट (Turquotte) का इस्तेमाल करती थीं।
उनकी पहली फिल्म 'बूम' के निर्माताओं को लगा कि भारतीय दर्शकों के लिए टरक्वोट नाम का उच्चारण करना और उसे याद रखना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए स्थानीय दर्शकों के बीच नाम को अधिक सहज और पहचानने योग्य बनाने के लिए उन्होंने अपने पिता का सरनेम कैफ अपनाया।
यह बदलाव उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ। कैटरीना जल्द ही इंडस्ट्री की सबसे पहचानी जाने वाली और सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। उनकी लोकप्रिय फिल्मों में 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा', 'जब तक है जान', 'टाइगर जिंदा है' और 'नमस्ते लंदन' शामिल हैं।
6. कियारा आडवाणी: आलिया से कियारा बनने की कहानी
फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले कियारा आडवाणी को उनके परिवार और दोस्त आलिया नाम से जानते थे। लेकिन 2014 में फिल्म 'फगली' से डेब्यू करने की तैयारी के दौरान सलमान खान ने उन्हें एक अहम सलाह दी।
उस समय आलिया भट्ट पहले ही तेजी से लोकप्रिय हो रही थीं। ऐसे में नाम को लेकर किसी तरह का भ्रम न हो और कियारा अपनी अलग पहचान बना सकें, इसके लिए उन्होंने अपना पहला नाम बदलकर कियारा रख लिया।
कियारा ने बाद में बताया था कि उन्हें यह नाम फिल्म 'अंजाना अंजानी' में प्रियंका चोपड़ा के किरदार से प्रेरित होकर पसंद आया था।
यह नाम उनके करियर के साथ अच्छी तरह जुड़ गया। आज वह अपनी पीढ़ी की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं। 'कबीर सिंह', 'शेरशाह', 'गुड न्यूज' और 'सत्यप्रेम की कथा' जैसी फिल्मों में उनके काम को दर्शकों ने पसंद किया।
7. शिल्पा शेट्टी: अंक ज्योतिष के कारण बदला नाम
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अंक ज्योतिष और ज्योतिष का प्रभाव कई कलाकारों के फैसलों में दिखाई देता है। शिल्पा शेट्टी की कहानी भी इसी से जुड़ी है।
शिल्पा का जन्म के समय नाम अश्विनी शेट्टी था। उनकी मां सुनंदा शेट्टी ज्योतिषी हैं। उन्होंने शिल्पा के मॉडलिंग और अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले ही उनका नाम बदलकर शिल्पा रख दिया था।
यह बदलाव पूरी तरह अंक ज्योतिष की गणनाओं पर आधारित था। इसका उद्देश्य उनके लिए बेहतर भाग्य, अनुकूलता और करियर की संभावनाएं सुनिश्चित करना था।
आगे चलकर शिल्पा ने शाहरुख खान के साथ अभिनय करते हुए शानदार शुरुआत की और 1990 तथा 2000 के दशक की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई। 'बाजीगर', 'धड़कन', 'लाइफ इन अ... मेट्रो' और 'फिर मिलेंगे' उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं।
8. राजकुमार यादव से राजकुमार राव बनने की कहानी
अपनी दमदार अदाकारी के लिए पहचाने जाने वाले राजकुमार राव ने अपने नाम में पहला और आखिरी, दोनों बदलाव किए। उनका जन्म हरियाणा में राजकुमार यादव के नाम से हुआ था।
उन्होंने अपनी क्षेत्रीय जड़ों से जुड़ाव बनाए रखने के लिए यादव सरनेम छोड़कर राव अपनाया। राव उपनाम उनके गृह राज्य हरियाणा में आम तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
इसके अलावा, अंक ज्योतिष में विश्वास के चलते उन्होंने अपने पहले नाम में एक अतिरिक्त 'm' जोड़ दिया। इस तरह राजकुमार यादव, राजकुमार राव बन गए।
आज वह कंटेंट आधारित भारतीय सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में गिने जाते हैं। 'स्त्री', 'न्यूटन', 'बरेली की बर्फी', 'शाहिद' और 'ट्रैप्ड' जैसी फिल्मों में उनकी अभिनय क्षमता और अलग-अलग किरदार निभाने की प्रतिभा देखने को मिली।
9. जय हेमंत श्रॉफ से टाइगर श्रॉफ बने अभिनेता
आज की पीढ़ी के एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ का जन्म के समय नाम जय हेमंत श्रॉफ था। 'टाइगर' नाम उन्हें बचपन में उनके पिता और अभिनेता जैकी श्रॉफ ने प्यार से दिया था।
इस उपनाम के पीछे एक दिलचस्प वजह थी। बचपन में जय की आदत लोगों को काटने की थी, इसलिए उनके पिता उन्हें टाइगर कहकर बुलाने लगे।
जब बॉलीवुड में डेब्यू करने का समय आया, तो एक्शन हीरो के लिए टाइगर नाम उनके जन्म के नाम से ज्यादा दमदार और यादगार लगा। इसके बाद उन्होंने इसी नाम से अपनी पहचान बनाई।
'हीरोपंती', 'बागी' और 'वॉर' जैसी फिल्मों में उनके हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस ने इस नाम को उनकी स्क्रीन इमेज के साथ जोड़ दिया।
10. विशाल से अजय देवगन बने अभिनेता
दिग्गज एक्शन निर्देशक वीरू देवगन के बेटे को जब बॉलीवुड में लॉन्च करने की तैयारी हुई, तब नाम को लेकर एक व्यावहारिक समस्या सामने आई। उस समय इंडस्ट्री में विशाल नाम के कई नए कलाकार आ रहे थे।
भीड़ में अलग पहचान बनाने और नाम को लेकर भ्रम से बचने के लिए उन्होंने विशाल की जगह अजय नाम अपनाया।
बाद में अंक ज्योतिष की सलाह पर उन्होंने अपने सरनेम की स्पेलिंग में भी बदलाव किया और 'a' हटाकर Ajay Devgn लिखना शुरू किया।
उनका यह अलग नाम उनकी गंभीर और पारंपरिक छवि से मेल खाता था। वह जल्द ही एक्शन स्टार के रूप में लोकप्रिय हुए और आगे चलकर दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाले अभिनेता बने।
'सिंघम', 'दृश्यम', 'तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर', 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' और 'गोलमाल' फ्रेंचाइजी जैसी फिल्मों ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।
11. जॉन अब्राहम: फरहान और जॉन नाम की कहानी
अपनी दमदार काया और डिंपल वाली मुस्कान के लिए पहचाने जाने वाले जॉन अब्राहम की पारिवारिक पृष्ठभूमि मलयाली सीरियन क्रिश्चियन और पारसी विरासत से जुड़ी है।
जन्म के समय उनकी मां के परिवार ने उन्हें पारसी नाम फरहान दिया था, जबकि उनके पिता ने उनका नाम जॉन रखा।
जब उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और फिर बॉलीवुड में करियर शुरू किया, तो उन्होंने जॉन नाम का इस्तेमाल करने का फैसला किया। उस समय हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में यह नाम उन्हें एक अलग पहचान देता था।
धीरे-धीरे जॉन अब्राहम का नाम भारत में फिटनेस के बढ़ते चलन और स्टाइलिश एक्शन फिल्मों से जुड़ गया। 'धूम', 'दोस्ताना', 'मद्रास कैफे', 'फोर्स' और 'पठान' जैसी फिल्मों ने उनकी पहचान मजबूत की।
12. तब्बू: तबस्सुम फातिमा हाशमी से बना छोटा नाम
तब्बू का असली नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी है। उनका स्क्रीन नेम बनने के पीछे की कहानी भी खास है।
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देव आनंद ने फिल्म 'हम नौजवान' के दौरान उन्हें 'तब्बू' नाम दिया था। बाद में टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में भी उनके लंबे नाम के छोटे रूप के रूप में 'तब्बू' नाम के पेशेवर इस्तेमाल का जिक्र किया गया।
छोटा, आधुनिक और आसानी से याद रहने वाला यह नाम उनकी पहचान बन गया।
तब्बू ने अपने करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। 'माचिस', 'विरासत', 'चांदनी बार', 'मकबूल', 'हैदर', 'अंधाधुन' और 'दृश्यम' फिल्मों में उनके काम को खास पहचान मिली।
13. सैफ अली खान: साजिद अली खान पटौदी से बने सैफ
बॉलीवुड में अपने सहज अंदाज और बहुमुखी अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले सैफ अली खान का जन्म के समय नाम साजिद अली खान पटौदी था।
वह दिग्गज क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी और अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के बेटे हैं। 1990 के दशक की शुरुआत में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले उन्होंने अपना नाम बदलकर सैफ रख लिया।
उनके जन्म के नाम का खुलासा कई साल बाद उस समय चर्चा में आया, जब 2012 में करीना कपूर के साथ उनकी शादी के रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज वायरल हुए। इन दस्तावेजों में उनका नाम साजिद अली खान दर्ज था।
सैफ ने 'दिल चाहता है', 'कल हो ना हो', 'ओमकारा' और 'हम तुम' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया। वे वेब सीरीज 'सेक्रेड गेम्स' में अपने काम के लिए भी जाने जाते हैं।
14. अजय सिंह देओल से सनी देओल बने अभिनेता
1990 के दशक में देशभक्ति और दमदार एक्शन वाली फिल्मों के जरिए अपनी खास पहचान बनाने वाले सनी देओल का जन्म नाम अजय सिंह देओल था। वह दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के सबसे बड़े बेटे हैं।
'सनी' नाम उनके परिवार का दिया हुआ प्यार भरा घरेलू नाम था। जब उनके बॉलीवुड डेब्यू की तैयारी हो रही थी, तब परिवार ने इसी नाम को स्क्रीन नेम के तौर पर इस्तेमाल करने का फैसला किया। उन्हें लगा कि यह नाम आकर्षक और युवा छवि वाला है।
आगे चलकर यही नाम बॉलीवुड के सबसे दमदार और जोशीले अभिनेताओं में से एक की पहचान बन गया। सनी देओल के जोरदार डायलॉग डिलीवरी के अंदाज ने 'गदर: एक प्रेम कथा', 'घायल', 'दामिनी', 'बॉर्डर' और 'गदर 2' जैसी फिल्मों को यादगार बनाया।
खास जिक्र: शिवाजी राव गायकवाड़ से बने रजनीकांत
रजनीकांत तकनीकी रूप से तमिल सिनेमा के सुपरस्टार हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता पूरे भारत में फैली हुई है। उनका असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ था और वह एक मराठी परिवार में जन्मे थे।
अभिनेता बनने से पहले उन्होंने बेंगलुरु में बस कंडक्टर के रूप में काम किया था। बाद में दिग्गज निर्देशक के. बालाचंदर ने उनकी अभिनय प्रतिभा को पहचाना।
उस समय शिवाजी गणेशन पहले से ही एक स्थापित अभिनेता थे। दोनों के नामों के बीच भ्रम से बचने के लिए बालाचंदर ने उन्हें फिल्म 'अपूर्व रागंगल' से डेब्यू के दौरान रजनीकांत नाम दिया।
आज रजनीकांत का नाम सिर्फ एक स्क्रीन नेम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। उनकी लोकप्रिय फिल्मों में 'बाशा', 'एंथिरन' यानी 'रोबोट', 'मुथु', 'शिवाजी: द बॉस' और 'जेलर' शामिल हैं।
नाम बदला, पहचान बनी और इतिहास रच दिया
बॉलीवुड के इन सितारों की कहानियां बताती हैं कि कभी-कभी नाम में किया गया छोटा-सा बदलाव करियर की बड़ी पहचान बन सकता है। किसी ने अंक ज्योतिष के आधार पर नाम चुना, किसी ने अपने लिए अलग पहचान बनाने के लिए और किसी ने ऐसा नाम अपनाया जिसे दर्शक आसानी से याद रख सकें।
समय के साथ इन सितारों के स्क्रीन नेम उनकी लोकप्रियता का अभिन्न हिस्सा बन गए। अमिताभ बच्चन से लेकर रजनीकांत तक, इन कलाकारों ने साबित किया कि सही नाम सिर्फ पहचान बनाने में मदद नहीं करता, बल्कि आगे चलकर सिनेमा के इतिहास का हिस्सा भी बन सकता है।











