‘मैं वापस आऊंगा’ से ‘कांतारा’ तक, बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बड़ी हिट साबित हुईं ये 15 फिल्में

हर फिल्म को बड़ी ओपनिंग, सुपरस्टार और भारी-भरकम प्रमोशन की जरूरत नहीं होती। ‘मैं वापस आऊंगा’, ‘सैयारा’, ‘मुंज्या’, ‘कांतारा’, ‘12th Fail’ और ‘बधाई हो’ जैसी फिल्मों ने साबित किया कि मजबूत कहानी और दर्शकों की पसंद बॉक्स ऑफिस पर बड़े बजट से ज्यादा मायने रख सकती है।

हिंदी एंटरटेनमेंट डेस्क
Written By: हिंदी एंटरटेनमेंट डेस्क
IST ⓘ Published On
IST

Last Updated On
IST
‘मैं वापस आऊंगा’, ‘सैयारा’, ‘मुंज्या’ और ‘कांतारा’ समेत वो फिल्में, जिन्होंने उम्मीद से कहीं बेहतर बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन किया।
‘मैं वापस आऊंगा’, ‘सैयारा’, ‘मुंज्या’ और ‘कांतारा’ समेत वो फिल्में, जिन्होंने उम्मीद से कहीं बेहतर बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन किया।

बॉक्स ऑफिस पर आमतौर पर वही फिल्में मजबूत मानी जाती हैं, जिनके पास बड़े सितारे, भव्य सेट और जबरदस्त प्रचार अभियान हो। लेकिन भारतीय सिनेमा में समय-समय पर ऐसी फिल्में भी आई हैं, जिन्होंने इन तमाम धारणाओं को गलत साबित कर दिया। कई बार किसी फिल्म में नए कलाकार होते हैं, कभी कहानी बेहद खास या सीमित दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई जाती है और कभी उसकी शुरुआती कमाई इतनी मामूली होती है कि उसे सिनेमाघरों से जल्द हटने वाली फिल्म मान लिया जाता है। फिर दर्शकों की प्रतिक्रिया पूरी तस्वीर बदल देती है।

यह भी पढ़ें | ‘Operation Safed Sagar’ से ‘Scam 1992’ तक: असली घटनाओं पर बनीं 10 बेहतरीन भारतीय वेब सीरीज

शो बढ़ने लगते हैं, सप्ताह के दिनों में भी कमाई बनी रहती है और देखते ही देखते ऐसी फिल्में उन फिल्मों से आगे निकल जाती हैं, जिनके पास उनसे कई गुना बड़ा बजट और स्टार पावर होती है।

यहां शामिल हर फिल्म बेहद कम बजट में बनी हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ फिल्मों को छोटे स्तर की स्टूडियो प्रोडक्शन के तौर पर बनाया गया, जबकि कुछ में स्थापित कलाकार होने के बावजूद उनसे बहुत बड़ी व्यावसायिक सफलता की उम्मीद नहीं थी। इन सभी फिल्मों को जोड़ने वाली सबसे खास बात यह है कि इन्होंने अपनी शुरुआती कमाई, बजट या रिलीज से पहले की चर्चा के मुकाबले कहीं लंबी और सफल बॉक्स ऑफिस यात्रा तय की।

तो आइए नजर डालते हैं ऐसी 15 फिल्मों पर:

यह भी पढ़ें | 15 साउथ की फिल्में जो बॉलीवुड में रीमेक हुईं, ‘Haiwaan’ भी लिस्ट में शामिल

1. ‘मैं वापस आऊंगा’

12 जून 2026 को रिलीज हुई इम्तियाज अली की यह विभाजन के दौर की रोमांटिक ड्रामा फिल्म दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी को एक साथ लेकर आई। निर्देशन इम्तियाज अली का था, संगीत एआर रहमान ने दिया था और कलाकारों में कई जाने-पहचाने नाम थे। इसलिए इसे पूरी तरह अनजान स्वतंत्र फिल्म कहना सही नहीं होगा। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर इसकी यात्रा एक पारंपरिक स्लीपर हिट जैसी रही।

फिल्म ने भारत में सिर्फ 1.15 करोड़ रुपये नेट की ओपनिंग की। पहले वीकेंड में इसकी कमाई 5.63 करोड़ रुपये रही। शुरुआती आंकड़े देखकर ऐसा लग रहा था कि फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों से बाहर हो जाएगी।

लेकिन इसके बाद कहानी पूरी तरह बदल गई। फिल्म का दूसरा वीकेंड पहले वीकेंड से दोगुने से भी ज्यादा रहा। दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया, बढ़े हुए शो और इम्तियाज अली की अलग-अलग शहरों में दर्शकों से मुलाकातों ने फिल्म की भावनात्मक कहानी को नए दर्शक दिलाए। Sacnilk के मुताबिक, फिल्म ने दुनिया भर में करीब 99 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया।

2. ‘सैयारा’

नए कलाकारों के साथ बनी रोमांटिक फिल्मों से आमतौर पर उम्मीद की जाती है कि वे नए चेहरों को पेश करेंगी, कुछ लोकप्रिय गाने देंगी और किसी तरह अपनी लागत निकाल लेंगी। लेकिन मोहित सूरी की ‘सैयारा’ ने इन तमाम उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया।

18 जुलाई 2025 को रिलीज हुई इस म्यूजिकल रोमांस फिल्म में अहान पांडे और अनीत पड्डा मुख्य भूमिकाओं में थे। करीब 60 करोड़ रुपये के रिपोर्टेड बजट वाली यह यश राज फिल्म्स की फिल्म थी। यानी यह कोई बेहद छोटी या स्वतंत्र फिल्म नहीं थी, लेकिन रिलीज से पहले शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह एक्शन फिल्मों और सुपरस्टार फिल्मों के बॉक्स ऑफिस मुकाबले में इतनी बड़ी जगह बना पाएगी।

संगीत, गहरी प्रेम कहानी और युवाओं के बीच जबरदस्त लोकप्रियता ने फिल्म को मजबूत शुरुआत दिलाई। ‘सैयारा’ ने भारत में 21 करोड़ रुपये नेट की ओपनिंग की और शुरुआत से ही ऐसा प्रदर्शन किया, जैसा आमतौर पर किसी नए कलाकारों वाली फिल्म से उम्मीद नहीं की जाती। घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने करीब 329 करोड़ रुपये नेट और दुनिया भर में लगभग 570 करोड़ रुपये कमाए। दो अपेक्षाकृत नए चेहरे सिनेमाघरों में आए थे, लेकिन उनके साथ भारतीय बॉक्स ऑफिस की सबसे बड़ी प्रेम कहानियों में से एक बाहर निकली।

3. ‘मुंज्या’

पोस्टर पर कोई बड़ा सुपरस्टार नहीं था और फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण किरदार असल दुनिया में मौजूद भी नहीं था। इसके बावजूद आदित्य सरपोतदार की ‘मुंज्या’ 2024 की सबसे सुखद बॉक्स ऑफिस सरप्राइज फिल्मों में शामिल हो गई।

7 जून 2024 को रिलीज हुई इस हॉरर कॉमेडी में अभय वर्मा, शरवरी, मोना सिंह और सत्यराज नजर आए। फिल्म के टाइटल किरदार को पूरी तरह CGI के जरिए तैयार किया गया था।

करीब 30 करोड़ रुपये के रिपोर्टेड बजट में बनी ‘मुंज्या’ ने भारत में लगभग 4 करोड़ रुपये नेट की ओपनिंग की। परिवार के साथ फिल्म देखने पहुंचे दर्शकों, आसान-फुल्की कॉमेडी और कोंकणी लोककथाओं से प्रेरित भूत की कहानी को लेकर उत्सुकता ने फिल्म को उम्मीद से कहीं आगे पहुंचा दिया। फिल्म ने भारत में करीब 102 करोड़ रुपये नेट और दुनिया भर में लगभग 126 करोड़ रुपये कमाए।

इस सफलता ने मैडॉक की हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स को भी मजबूती दी, जिसके बाद उसी साल ‘स्त्री 2’ आई।

4. ‘मंजुम्मेल बॉयज’

न कोई बड़ी हीरोइन, न कोई सुपरस्टार और न ही कोई आसान रास्ता—‘मंजुम्मेल बॉयज’ के पास सिर्फ दोस्तों का एक समूह, एक खतरनाक गुफा और हाल के भारतीय सिनेमा की सबसे रोमांचक रेस्क्यू कहानियों में से एक थी।

चिदंबरम के निर्देशन में बनी मलयालम सर्वाइवल थ्रिलर 22 फरवरी 2024 को रिलीज हुई। इसमें सौबिन शाहिर, श्रीनाथ भासी, बालू वर्गीस, गणपति और दीपक परम्बोल मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म 2006 की एक वास्तविक घटना से प्रेरित थी, जब दोस्तों का एक समूह कोडईकनाल की बेहद खतरनाक गुना गुफाओं से अपने एक साथी को बचाने की कोशिश करता है।

करीब 20 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 241 करोड़ रुपये कमाए। तमिलनाडु में इसका प्रदर्शन खास तौर पर उल्लेखनीय रहा। फिल्म शुरुआत में मलयालम में रिलीज हुई थी और तमिल डब के बिना ही राज्य में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा गई। कमल हासन की ‘गुना’ और उसके लोकप्रिय गीत ‘कण्मणि अनबोडु काधलन’ से इसके भावनात्मक जुड़ाव ने भी दर्शकों को फिल्म से जोड़ा।

‘मंजुम्मेल बॉयज’ दुनिया भर में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली मलयालम फिल्म बनी और कुछ समय के लिए इस इंडस्ट्री की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

5. ‘हनुमान’

12 जनवरी 2024 को संक्रांति के व्यस्त रिलीज सीजन में जब ‘हनुमान’ सिनेमाघरों में पहुंची, तब उसके सामने कहीं बड़ी तेलुगु फिल्में मौजूद थीं। प्रशांत वर्मा के निर्देशन में बनी इस सुपरहीरो फिल्म में तेजा सज्जा, अमृता अय्यर, वरलक्ष्मी सरथकुमार और विनय राय नजर आए। कहानी एक साधारण युवक की थी, जिसे अपने गांव की रक्षा करते हुए असाधारण शक्तियां मिल जाती हैं।

सुपरहीरो फिल्मों से आमतौर पर जिस बजट और भव्यता की उम्मीद की जाती है, ‘हनुमान’ के पास वह नहीं थी। लेकिन फिल्म के पास एक ऐसी दुनिया थी, जिसे दर्शक दोबारा देखना चाहते थे।

प्रशांत वर्मा ने बताया था कि विज्ञापन और मार्केटिंग को छोड़कर फिल्म की निर्माण लागत करीब 40 करोड़ रुपये थी। ‘हनुमान’ ने 25 दिनों के भीतर दुनिया भर में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। सिर्फ हिंदी संस्करण ने 50 करोड़ रुपये से ज्यादा नेट कमाए।

फिल्म की कल्पनाशील दृश्य शैली, धार्मिक जुड़ाव और परिवार के साथ देखे जाने लायक कहानी ने इसे अंडरडॉग से बड़ी सफलता में बदल दिया। फिल्म ने न सिर्फ अपनी मुश्किल रिलीज स्थिति को मात दी, बल्कि एक पूरे सिनेमाई यूनिवर्स की नींव भी रख दी।

6. ‘12th Fail’

UPSC की तैयारी पर बनी फिल्म को बॉक्स ऑफिस ब्लॉकबस्टर की पहली पसंद शायद ही कोई मानेगा। न इसमें बड़े-बड़े खलनायक थे, न विदेशी लोकेशन और न ही कोई मसाला गाना। लेकिन विधु विनोद चोपड़ा की ‘12th Fail’ ने इन सभी पारंपरिक फॉर्मूलों को पीछे छोड़ दिया।

27 अक्टूबर 2023 को रिलीज हुई इस फिल्म में विक्रांत मैसी, मेधा शंकर और अनंत वी. जोशी मुख्य भूमिकाओं में थे। कहानी IPS अधिकारी मनोज कुमार शर्मा और IRS अधिकारी श्रद्धा जोशी के जीवन से प्रेरित थी।

करीब 20 करोड़ रुपये के रिपोर्टेड बजट में बनी फिल्म ने सिर्फ 1.10 करोड़ रुपये नेट की ओपनिंग की। इसके बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया ने फिल्म की किस्मत बदल दी। कमाई लगातार बढ़ती रही और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने के बाद भी सिनेमाघरों में दर्शक आते रहे।

फिल्म ने भारत में लगभग 56.38 करोड़ रुपये नेट और दुनिया भर में करीब 70 करोड़ रुपये कमाए। ‘12th Fail’ ने सिनेमाघरों में 100 दिन पूरे किए और बाद में इसे कई बड़े सम्मान मिले, जिनमें सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और विक्रांत मैसी के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान शामिल था।

7. ‘कांतारा’

‘KGF’ की सफलता के बाद होम्बले फिल्म्स पहले ही पैन-इंडिया ताकत बन चुकी थी। फिर भी किसी ने शायद नहीं सोचा था कि पवित्र भूमि, कंबाला, जंगल के अधिकार और भूत कोला जैसे स्थानीय विषयों पर बनी एक गहरी कन्नड़ कहानी पूरे देश में इतना बड़ा प्रभाव पैदा कर सकती है।

ऋषभ शेट्टी ने फिल्म लिखने के साथ इसका निर्देशन भी किया और मुख्य भूमिका निभाई। 30 सितंबर 2022 को कन्नड़ में रिलीज हुई ‘कांतारा’ के बाद इसके डब संस्करण अलग-अलग भाषाओं में आए। सप्तमी गौड़ा, किशोर और अच्युत कुमार भी फिल्म का हिस्सा थे।

करीब 15-16 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘कांतारा’ पहले कर्नाटक में सफल हुई और फिर धीरे-धीरे एक सांस्कृतिक घटना बन गई। फिल्म का क्लाइमैक्स, स्थानीय परिवेश और तटीय लोककथाओं का प्रभाव दर्शकों को अलग-अलग भाषाओं में इसे देखने के लिए सिनेमाघरों तक ले गया।

Sacnilk के अनुसार, फिल्म का दुनिया भर में ग्रॉस कलेक्शन 407 करोड़ रुपये रहा। बजट की तुलना में इसकी सफलता इतनी बड़ी थी कि इसके अगले अध्याय का पैमाना स्वाभाविक रूप से काफी बड़ा होना था। लेकिन अंडरडॉग सफलता की असली कहानी आज भी पहली ‘कांतारा’ ही है।

8. ‘द कश्मीर फाइल्स’

11 मार्च 2022 को रिलीज हुई विवेक अग्निहोत्री की ‘द कश्मीर फाइल्स’ में अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती, दर्शन कुमार और पल्लवी जोशी प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म कश्मीर में उग्रवाद के दौरान कश्मीरी पंडितों के विस्थापन और उनके कष्टों पर केंद्रित थी।

करीब 15 करोड़ रुपये के रिपोर्टेड बजट के साथ फिल्म अपेक्षाकृत सीमित रिलीज के साथ सिनेमाघरों में आई। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका सफर बिल्कुल अलग रहा।

फिल्म ने 3.55 करोड़ रुपये नेट की ओपनिंग की, लेकिन दर्शकों की चर्चाओं, राजनीतिक समर्थन, कई राज्यों में टैक्स छूट और देशभर में छिड़ी तीखी बहस के कारण इसकी पहुंच तेजी से बढ़ती गई। फिल्म ने भारत में 252.25 करोड़ रुपये नेट और दुनिया भर में करीब 341 करोड़ रुपये कमाए।

फिल्म को लेकर आलोचनात्मक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं बेहद विभाजित रहीं, लेकिन व्यावसायिक सफलता को नकारना मुश्किल था। यह 2022 की सबसे बड़ी हिंदी हिट फिल्मों में शामिल हो गई।

9. ‘स्त्री’

रिकॉर्ड तोड़ने वाला सीक्वल और एक पूरे हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स का हिस्सा बनने से पहले ‘स्त्री’ सिर्फ एक अजीबोगरीब हॉरर कॉमेडी थी, जिसमें पुरुषों को रात में अकेले बाहर निकलने से डरने की वजह दी गई थी।

अमर कौशिक के निर्देशन में बनी यह फिल्म 31 अगस्त 2018 को रिलीज हुई। राजकुमार राव, श्रद्धा कपूर, पंकज त्रिपाठी, अपारशक्ति खुराना और अभिषेक बनर्जी इसके प्रमुख कलाकार थे। फिल्म ने “ओ स्त्री, कल आना” जैसी चेतावनी को अलौकिक रहस्य, जेंडर सटायर और छोटे शहर की कॉमेडी के अनोखे मेल में बदल दिया।

करीब 30 करोड़ रुपये के रिपोर्टेड बजट में बनी ‘स्त्री’ ने 6.83 करोड़ रुपये नेट की ओपनिंग की और पहले वीकेंड में मजबूत बढ़त हासिल की। दुनिया भर में फिल्म ने करीब 182 करोड़ रुपये कमाए।

मजबूत लेखन, यादगार सहायक किरदारों और डर के साथ कॉमेडी के संतुलन ने दर्शकों को सिर्फ भूत के बारे में उत्सुक नहीं किया, बल्कि उन्हें इस अजीब दुनिया में दोबारा लौटने के लिए भी तैयार किया। यही सफलता आगे चलकर मैडॉक के हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स की नींव बनी।

10. ‘क्वीन’

रानी के मंगेतर ने शादी से इनकार किया, लेकिन दर्शकों ने उसके साथ उसका हनीमून जरूर मना लिया। विकास बहल के निर्देशन में बनी ‘क्वीन’ 7 मार्च 2014 को रिलीज हुई। कंगना रनौत, राजकुमार राव और लीजा हेडन इसमें मुख्य भूमिकाओं में थे।

कहानी दिल्ली की एक संकोची लड़की रानी की थी, जो शादी से ठीक पहले मंगेतर द्वारा छोड़ दिए जाने के बाद अकेले पेरिस और एम्सटर्डम चली जाती है।

फिल्म की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर बिल्कुल शाही नहीं थी। ‘क्वीन’ ने सिर्फ 1.75 करोड़ रुपये नेट की ओपनिंग की। लेकिन दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया ने इसकी कमाई को लगातार बढ़ाया और इसका दूसरा हफ्ता पहले हफ्ते के लगभग बराबर रहा।

करीब 20 करोड़ रुपये के रिपोर्टेड बजट वाली इस फिल्म ने दुनिया भर में 93 करोड़ रुपये कमाए। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह रही कि ‘क्वीन’ ने महिला केंद्रित हिंदी फिल्मों की व्यावसायिक क्षमता को लेकर बातचीत का नजरिया बदल दिया और कंगना की रानी को आत्म-खोज और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बना दिया।

11. ‘विकी डोनर’

स्पर्म डोनेशन, इनफर्टिलिटी और एक ऐसे डॉक्टर की कहानी, जो दूसरों की निजी जिंदगी में जरूरत से ज्यादा दिलचस्पी लेता है—यह दो नए कलाकारों के लॉन्च के लिए सबसे सुरक्षित विषय नहीं लगता था। यही वजह है कि ‘विकी डोनर’ की सफलता इतनी खास रही।

शूजित सरकार की यह फिल्म 20 अप्रैल 2012 को रिलीज हुई और इससे आयुष्मान खुराना तथा यामी गौतम ने हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया। अन्नू कपूर और डॉली अहलूवालिया ने भी अहम भूमिकाएं निभाईं और कई मौकों पर दोनों कलाकार फिल्म के नए सितारों पर भारी पड़ते नजर आए।

Sacnilk के मुताबिक, फिल्म का बजट करीब 10 करोड़ रुपये था और इसने दुनिया भर में 54.66 करोड़ रुपये कमाए। एक असहज माने जाने वाले विषय को मजेदार और सहज तरीके से पेश करने की वजह से दर्शक बिना किसी भारी-भरकम व्याख्यान के इनफर्टिलिटी जैसे मुद्दे पर बात करने लगे।

‘विकी डोनर’ ने हिंदी सिनेमा को आयुष्मान खुराना, यामी गौतम और निर्माता जॉन अब्राहम भी दिए।

12. ‘कहानी’

विद्या बागची अपने लापता पति की तलाश में कोलकाता पहुंचती है। दर्शक एक साधारण थ्रिलर की उम्मीद लेकर सिनेमाघरों में पहुंचे थे, लेकिन उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे शानदार आधुनिक मिस्ट्री फिल्मों में से एक मिली।

सुजॉय घोष की ‘कहानी’ 9 मार्च 2012 को रिलीज हुई। विद्या बालन, परमब्रत चटर्जी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, इंद्रनील सेनगुप्ता और शाश्वत चटर्जी फिल्म के प्रमुख कलाकार थे। दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता की गलियां, भीड़, ट्राम और मेट्रो स्टेशन सिर्फ कहानी की पृष्ठभूमि नहीं थे, बल्कि विद्या की तलाश का सक्रिय हिस्सा बन गए थे।

फिल्म का निर्माण बजट करीब 15 करोड़ रुपये बताया गया था। Sacnilk के अनुसार, इसका दुनिया भर का थिएट्रिकल ग्रॉस 79.20 करोड़ रुपये रहा।

दर्शकों की प्रतिक्रिया से धीरे-धीरे बड़ी हिट बनी ‘कहानी’ ने सिनेमा को विनम्र लेकिन खतरनाक बॉब बिस्वास जैसा यादगार किरदार भी दिया।

13. ‘प्यार का पंचनामा’ फ्रेंचाइजी

कार्तिक आर्यन के बड़े व्यावसायिक स्टार बनने से काफी पहले वह ‘प्यार का पंचनामा’ में रजत बने थे—एक ऐसा थका हुआ बॉयफ्रेंड, जिसका लंबा मोनोलॉग इतना चर्चित हुआ कि उसे अपनी जगह इंटरवल की जरूरत महसूस होने लगी।

लव रंजन की ‘प्यार का पंचनामा’ 20 मई 2011 को रिलीज हुई। कार्तिक आर्यन, दिव्येंदु शर्मा, रायो एस. बखिरता, नुसरत भरूचा, सोनाली सहगल और इशिता राज इसमें नजर आए।

Sacnilk के मुताबिक, फिल्म का बजट करीब 9.50 करोड़ रुपये था और दुनिया भर में इसने 17.30 करोड़ रुपये कमाए। शुरुआती थिएट्रिकल प्रदर्शन औसत रहा, लेकिन टेलीविजन, ऑनलाइन क्लिप्स और कार्तिक के चर्चित मोनोलॉग ने इसे युवाओं के बीच लोकप्रिय बना दिया।

असल व्यावसायिक सफलता 16 अक्टूबर 2015 को आई, जब ‘प्यार का पंचनामा 2’ रिलीज हुई। लव रंजन ने ही इसका निर्देशन किया था। कार्तिक, नुसरत, सोनाली और इशिता के साथ सनी सिंह और ओंकार कपूर भी फिल्म में थे। करीब 22 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 88.20 करोड़ रुपये कमाए।

फ्रेंचाइजी की जेंडर पॉलिटिक्स पर आज भी बहस होती है, लेकिन व्यावसायिक तौर पर इसने दिखाया कि सीमित बजट की एक कल्ट कॉमेडी किस तरह एक भरोसेमंद थिएटर ब्रांड बन सकती है।

14. ‘जाने तू... या जाने ना’

2008 में कॉलेज दोस्तों का एक समूह, एयरपोर्ट पर फिल्माया गया क्लाइमैक्स और ‘पप्पू’ को लेकर एक गाना हिंदी सिनेमा को उसकी नई पसंदीदा कैंपस रोमांस फिल्म देने के लिए काफी था।

अब्बास टायरवाला द्वारा लिखित और निर्देशित ‘जाने तू... या जाने ना’ 4 जुलाई 2008 को रिलीज हुई। इमरान खान और जेनेलिया डिसूजा मुख्य भूमिकाओं में थे। प्रतीक बब्बर, मंजरी फडनिस, रत्ना पाठक शाह और नसीरुद्दीन शाह भी अहम भूमिकाओं में नजर आए।

फिल्म को आमिर खान का प्रोडक्शन समर्थन जरूर मिला था, लेकिन इसका मुख्य चेहरा एक नया अभिनेता था। इसके अलावा इसे प्रियंका चोपड़ा की ‘लव स्टोरी 2050’ के साथ रिलीज होना था।

करीब 15 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘जाने तू... या जाने ना’ ने दुनिया भर में 82.10 करोड़ रुपये कमाए। एआर रहमान के संगीत, जय और अदिति की सहज केमिस्ट्री और दोस्तों के समूह की गर्मजोशी ने फिल्म को मुकाबले से काफी आगे निकाल दिया।

15. ‘भेजा फ्राई’

अगर इस पूरी सूची की किसी एक फिल्म को अंडरडॉग बॉक्स ऑफिस सफलता का प्रतीक कहा जाए, तो वह ‘भेजा फ्राई’ हो सकती है।

सागर बल्लारी की यह कॉमेडी 13 अप्रैल 2007 को रिलीज हुई। विनय पाठक, रजत कपूर, रणवीर शौरी, सारिका और मिलिंद सोमन इसमें नजर आए। फिल्म का ज्यादातर हिस्सा एक अपार्टमेंट के अंदर घटित होता है। कोई पारंपरिक सुपरस्टार नहीं था और कहानी का हास्य एक ऐसे मेहमान के इर्द-गिर्द घूमता है, जो खुद नहीं जानता कि वह अपने मेजबान की शाम किस हद तक खराब कर रहा है।

Sacnilk ने फिल्म का बजट 1.50 करोड़ रुपये और दुनिया भर की कमाई 11.81 करोड़ रुपये दर्ज की। दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के कारण फिल्म के अतिरिक्त प्रिंट बढ़ाए गए। विनय पाठक का भारत भूषण कल्ट कॉमेडी किरदार बन गया और फिल्म की सफलता के बाद इसका सीक्वल भी आया।

इन फिल्मों की सफलता का रास्ता एक जैसा नहीं था। कुछ को यादगार संगीत का फायदा मिला, कुछ ने ऐसे विषय उठाए जिन्हें बड़ी फिल्में नजरअंदाज कर रही थीं और कुछ इतनी मनोरंजक थीं कि दर्शकों ने उन्हें सिनेमाघरों से गायब होने ही नहीं दिया।

इन सभी फिल्मों की बॉक्स ऑफिस यात्रा एक ऐसी इंडस्ट्री के लिए अहम सबक भी देती है, जो अक्सर पहले दिन की कमाई को सफलता का सबसे बड़ा पैमाना मानती है। हर फिल्म को जोरदार शुरुआत की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी मजबूत कहानी, दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और कुछ ऐसे प्रदर्शक ही काफी होते हैं, जो फिल्म को थोड़ा और समय देने का साहस दिखाएं।

Join The Conversation
Share your thoughts on this story.
Please keep comments respectful and on topic.